हस्तिनापुर। कस्बे की महाभारत कालीन ऐतिहासिक प्राचीन बूढ़ी गंगा की धारा जल्द ही अपने पुराने स्वरूप में नजर आने वाली है। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। नेचुरल साइंस ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रियंक भारती ने बताया कि राज्यपाल के निर्देश पर बूढ़ी गंगा के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हो चुका है।
प्राचीन ऐतिहासिक नगरी से होकर गुजरने वाली प्राचीन बूढ़ी गंगा की धारा को प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से नया स्वरूप दिया गया है। द्रोपदी घाट के समीप इसके प्रभाव को सुचारू कर दिया गया है। प्रियंक भारती ने बताया कि 26 जनवरी को उपजिलाधिकारी मवाना अखिलेश यादव ने बूढ़ी गंगा के जीर्णोद्धार का कार्य श्रमदान कर प्रारंभ किया था। इसी क्रम में अब बूढ़ी गंगा का द्रोपदी घाट के समीप का प्रवाह भी सुचारू हो गया है। काफी समय से बूढ़ी गंगा के जीर्णोद्धार के लिए लड़ाई लड़ रहे नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रियंक भारती चिकारा ने इस रूट का चित्र जारी किया था। उन्होंने बताया कि बूढ़ी गंगा के जीर्णोद्धार की मुहिम अब धरातल पर नजर आने लगी है। अब प्रियंक ने जिलाधिकारी दीपक मीणा, डीएफओ राजेश कुमार, एडीएम प्रशासन अमित कुमार एवं उपजिलाधिकारी मवाना अखिलेश यादव को सहयोग के लिए धन्यवाद किया। एसडीएम ने बूढ़ी गंगा का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित विभागों को बूढ़ी गंगा को साफ स्वच्छ रखने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। साफ सफाई के बाद प्राचीन बूढ़ी गंगा के नजारे को देखकर लग रहा है कि वापस यह अपनी दिव्यता और भव्यता को ग्रहण कर रही है। उधर प्रशासनिक अधिकारी बड़े स्तर पर इसके जीर्णोद्धार की योजना बना रहे हैं, जो जल्द ही धरातल पर उतरती नजर आएगी।