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Meerut News: अब जल निगम चलाएगा एसटीपी, मेडा से मांगे 14 करोड़

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मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) अपनी विभिन्न योजनाओं में चल रहे 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को अब जल निगम को हैंड ओवर करने की तैयारी में है। जल निगम की ओर से सर्वे कर इन एसटीपी को 20 करोड़ से मेंटेन करने को कहा था। इसके बाद से इनका अपग्रेडेशन शुरू कर दिया गया था। अब 90 फीसदी तक अपग्रेडेशन हो गया है, जिसके बाद जल निगम ने ही इनके संचालन के लिए 14 करोड़ मांगे हैं। सालभर तक जल निगम इनका संचालन करेगा इसके बाद इन्हें नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
मेडा की विभिन्न योजनाओं में 13 एसटीपी हैं, जिनमें हर साल 9 करोड़ 20 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या है कि मेडा के पास इनके लिए कोई विशेष बजट नहीं है। पिछले साढ़े तीन साल से मेडा लगातार नगर निगम को हस्तांतरित करने के लिए पत्राचार कर रहा है। वहीं नगर निगम की ओर से बार-बार आपत्ति लगा दी जाती है। मेडा ने 124वीं बोर्ड बैठक में सभी एसटीपी को हस्तांतरित करने के लिए समिति का गठन किया था। कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. द्वारा अपर आयुक्त-द्वितीय को अध्यक्ष तथा मेडा सचिव, अपर नगर आयुक्त, अधिशासी अभियंता मेडा, अधिशासी अभियंता नगर निगम तथा अधिशासी अभियंता जल निगम की समिति घोषित की थी।
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मेडा ने कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि विभिन्न शहरों में 79 एसटीपी का संचालन हो रहा है। जल निगम एसटीपी के संचालन ही नहीं, बल्कि स्थापना हेतु भी विशेषज्ञ संस्था है। जल निगम गाजियाबाद इकाई मेडा के सभी एसटीपी का सर्वे कर चुका है। इसमें 19 करोड़ 90 लाख रुपये एसटीपी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर व्यय होंगे। इस पर काम भी शुरू करा दिया गया और 90 फीसदी तक अपग्रेडेशन हो चुका है। मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि जल निगम ने सालभर तक एसटीपी के संचालन के ऐवज में 14 करोड़ रुपये मांगे हैं। इसके बाद इन्हें जल निगम ही नगर निगम को हस्तांतरित कर देगा। अभी जल निगम से नेगोशिएशन किया जा रहा है।
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