-नहटौर क्षेत्र में हो चुकी हैं बुखार से कई मौत
-मेडिकल अस्पताल में बुखार के मरीजों की लगी रहती है कतार
-1300 मरीज रोजाना मेडिकल अस्पताल पहुंच रहे हैं
-100 मरीज रोजाना बुखार से ग्रसित मेडिकल अस्पताल पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। आखिर कौनसा बुखार लोगों की जान ले रहा है। आए दिन कहीं न कहीं से बुखार से मौत की सूचना मिल रही है। रहस्यमयी बुखार से डॉक्टर भी हैरान हैं। चिकित्सक भी सिर्फ लक्षणों के आधार पर इलाज कर रहे हैं। इसके बावजूद भी आराम नहीं मिल रहा है। नहटौर क्षेत्र में बीते 10 दिनों में तीन मौत हो चुकी हैं।
डेंगू, मलेरिया के लिए यह मौसम सबसे मुफीद है। जांच में लोगों को डेंगू, मलेरिया की पुष्टि नहीं हो रही है। मगर बुखार से ग्रसित मरीजों को संख्या बढ़ रही है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि मेडिकल अस्पताल में बुखार से ग्रसित रोजाना करीब 100 मरीज तक पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों कहना है कि इस समय एक्यूट वायरल इंसेफेलाइटिस की समस्या भी दिखाई देती है। इलाज में लापरवाही बरतने पर मौत भी हो सकती है। इसमें मरीज को तेज बुखार, सिर में दर्द, गर्दन में दर्द, दौरे जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं, मेडिकल अस्पताल में बुखार के छह मरीज भर्ती हैं। सभी की तबीयत में सुधार बताया जा रहा है।
प्लेटलेट्स कम होना सिर्फ डेंगू का लक्षण नहीं
मेडिकल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा का कहना है कि प्लेटलेट्स कम होना सिर्फ डेंगू का लक्षण नहीं है। तेज बुखार के में एंटी बायोटिक दवाई खाने से भी प्लेटलेट्स तेजी से गिरती है। बुखार में जितना आराम किया जाए, सेहत के लिए उतना बेहतर है।
केस नंबर एक
नहटौर के गांव निजातपुर के दो सगे भाई शाहरूम और नवाजिश चंडीगढ़ में रहकर ऑटो चलाते थे। परिजनों के अनुसार शाहरूम को बुखार आने पर पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था। सुधार न होने पर घर ले आए थे। उपचार के बिजनौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। नवाजिश को भी बुखार आने लगा। उसे नूरपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार को शाहरूम की चंडीगढ़ में मौत हो गई। वहीं शनिवार की रात नवाजिश की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।
केस नंबर दो
नहटौर के गांव छजुपुरा निवासी निधि(25) पत्नी अक्षय को करीब चार दिन पहले बुखार आया था। इसके बाद नहटौर में निजी चिकित्सक से इलाज कराया। आराम नहीं होने पर परिजन बिजनौर में निजी अस्पताल में ले आए, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
बुखार के मरीजों में दिखाई दे रहे ये लक्षण
-तेज बुखार आना
-हाथ, पैर और सिर में दर्द
-भूख की कमी
-उल्टी आना
-बेहोश होना
इस मौसम में ऐसे करें बचाव-
-मच्छरदानी का प्रयोग करें
-पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
-बुखार आने पर आराम करें
-पानी अधिक मात्रा में पीएं
-चिकित्सक से परामर्श लें
वर्जन::
मेडिकल अस्पताल में अभी बुखार से किसी की मौत नहीं हुई है। इस मौसम में एक्यूट वायरल इंसेफेलाइटिस भी होता है। इसमें तेज बुखार रहता है। सही इलाज नहीं मिलने पर मरीज की मौत भी हो जाती है। बुखार आने पर तुंरत चिकित्सक को दिखाएं। इस समय मच्छरों से खुद का बचाव करें।....डॉ. आरएस वर्मा, फीजिशियन, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
वर्जन::
अस्पतालों में डेंगू, मलेरिया से बचाव की पूरी तैयारी है। बुखार आने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज कराएं। सीएचसी, पीएचसी पर पूरी व्यवस्था है। इलाज में बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें। जिन गांवों में बुखार के मरीज हैं, वहां शिविर लगाया जाएगा।....डॉ. कौशलेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर