मेरठ में नगर निगम की सरकार कैसी हो और चुने जाने वाले महापौर व सभासदों की जनता के प्रति क्या भूमिका हो, शहर के विकास और नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने में चुने जाने वाले महापौर और पार्षदों की क्या भूमिका हो इस पर अमर उजाला ने शहर के अधिवक्ता गणों से बातचीत की। अधिवक्ताओं ने जहां नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर चिंता जताई वहीं भविष्य में चुने जाने वाले महापौर और पार्षदों को एक समानता के साथ शहर का विकास करने की भी नसीहत दी।
जनता हित में काम करें महापौर व पार्षद
सुधीर पुंडीर एडवोकेट ने कहा कि मेरठ शहर को अब ट्रिपल इंजन की सरकार की जरूरत है। असुमन गुप्ता एडवोकेट का कहना है कि कि नगर निगम सरकार को महिलाओं के हितों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनानी चाहिए। नई सरकार से सभासदों को अपने हित त्याग कर जनता हित में काम करना चाहिए। राजनीतिक दलों को समाज में जाति धर्म का जहर नहीं बोलना चाहिए।
पढ़े-लिखे हों महापौर या पार्षद
महेंद्र पाल शर्मा एडवोकेट महापौर हो या फिर पार्षद सभी पढ़े लिखे ही चुने जाने चाहिए। नगर निगम में भ्रष्टाचार की स्थिति सभी के सामने हैं इसको मिटाया जाना बेहद जरूरी है।
नितेश यादव एडवोकेट ने कहा कि महापौर और पार्षदों का शहर के विकास का विजन होना चाहिए।