दस्तावेज व पुस्तकें साथ ले गई एनआईए
इस दौरान टीम ने कमरे से उसके कुछ दस्तावेज और पुस्तकें भी कब्जे में लिए। एनआईए द्वारा दारुल उलूम के छात्र को हिरासत में लिए जाने को लेकर हड़कंप मच गया। लेकिन आठ घंटे की पूछताछ के बाद एनआईए उसे वापस देवबंद छोड़ गई।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि एनआईए और यूपी एटीएस ने संदिग्ध को पूछताछ के लिए उठाया था। जिसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। वहीं, दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बताया कि शक की बुनियाद पर एनआईए के अधिकारी छात्र को साथ ले गए थे। लेकिन पूछताछ में उन्हें कुछ नहीं मिला। इसके बाद वह उसे वापस संस्था में छोड़ गए।
उधर, यह भी चर्चा है कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर एनआईए और यूपी एटीएस ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार और यूपी सहित छह राज्यों में छापा मारा। हालांकि उत्तर प्रदेश में एनआईए की कार्रवाई सिर्फ देवबंद में ही हुई है।
एक महीने में दूसरी बार हुई एनआईए की कार्रवाई
स्वतंत्रता दिवस से पंद्रह दिन पहले एनआईए की कार्रवाई से देवबंद फिर चर्चाओं में आ गया है। एक माह के भीतर एनआईए की यह दूसरी कार्रवाई है। 23 जून को एनआईए ने हाईवे स्थित एक मदरसे से रोहिंग्या छात्र मुजीबुल्लाह को पकड़ा था। हालांकि मुजीबुल्लाह के पास वैध रिफ्यूजी कार्ड मौजूद था। जिसके आधार पर ही उसने मदरसे में दाखिला लिया था। वहीं इससे पूर्व 13 मार्च को एटीएस की टीम ने देवबंद के एक हाॅस्टल से इनामुलहक नामक युवक को गिरफ्तार किया था। जिसके राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की बात सामने आई थी। अब फारुख से पूछताछ को लेकर एनआईए की कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है।