प्रदेश सरकार के विभागों और सत्ताधारी दलों ने रोडवेज की बसों और वीआईपी कारों का इस्तेमाल तो कर लिया, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की रैलियों से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली तक पर लाखों रुपये का बकाया चला आ रहा है। वहीं दूसरी तरफ मेरठ रोडवेज रीजन का सरकारी विभागों और राजनीतिक दलों पर 16 करोड़ से ज्यादा का बकाया हो गया है।
हर माह याद दिलाने के बाद ये हाल
सरकारी कार्यक्रमों में बस और वीआईपी कारों आदि की व्यवस्था रोडवेज से कराई जाती है। रोडवेज संबंधित विभाग या सत्ताधारी पार्टी को उसका बिल भी भेजता है, लेकिन उसे उसके बकाये का भुगतान नहीं मिल पा रहा। रोडवेज का 1980 में हुई इंदिरा गांधी की रैली का भी कांग्रेस पार्टी पर 14.39 लाख रुपये बकाया चला आ रहा है।
इसी वर्ष 2 जनवरी को सलावा में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के शिलान्यास के मौके पर हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में गई बसों का 4.33 लाख रुपये का भुगतान भी अटका हुआ है।
पैरालंपिक समारोह, टैबलेट, स्मार्ट फोन वितरण, 1970 के हिंदू बंगाली सम्मान समारोह के साथ ही कोविड-19 का 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान प्रदेश सरकार के पास फंसा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित विभागों को हर महीने बकाया भुगतान के लिए पत्राचार कर याद दिलाया जाता है।
ये है प्रमुख विभागों पर बकाया
| विभाग/मद |
बकाया |
| कोविड-19 |
108412306 |
| पुलिस |
13970773 |
| पंचायत चुनाव 2021 |
33999489 |
| डीपीआरओ मेरठ |
1011394 |
| भूतपूर्ण मंत्रीगण |
564362 |
| न्याय विभाग |
370505 |
| प्रोटोकाल |
327222 |
| प्रमुख सचिव/सचिव |
109269 |
| मेजर ध्यानचंद खेल समारोह |
433458 |
| टैबलेट/स्मार्ट फोन वितरण |
650183 |
| कांग्रेस आई |
1439151 |
| नोट: आंकड़े रोडवेज के रिकॉड के अनुसार। |
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