कन्या पूजन के मुहूर्त
लाभामृत चौघड़िया : सुबह 06:15 से सुबह 09:20 बजे तक।
शुभ की चौघड़िया : सुबह 10:50 से दोपहर 12:10 बजे तक।
त्याज्य राहुकाल इसमें नहीं होगी पूजा : दोपहर 12:30 से दोपहर 02:00 बजे तक।
छह ग्रह चार राशियों में विराजमान
इस बार अष्टमी पर छह ग्रह चार राशियों में विराजमान होकर बहुल शुभ योग बना रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि ज्योतिषी गणना के अनुसार सूर्य, गुरु और बुध मीन राशि में विराजमान हैं। शनि अपनी राशि कुंभ में विराजमान हैं। चंद्र और मंगल मिथुन में विराजमान हैं। शुक्र मेष राशि में विराजित हैं। ग्रहों के इस प्रकार की स्थिति से कई राजयोगों का भी निर्माण हो रहा है, जिसमें शुक्र के मेष राशि में गोचर से मालव्य योग, मीन राशि में हंस और महाभाग्य योग बन रहा है जो कि बहुत शुभ होगा।
चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर बाजारों में रौनक
चैत्र नवरात्र की सप्तमी पर शहर के बाजारों में खासी रौनक रही। बाजारों में अष्टमी कन्या पूजन के लिए खरीदारी की गई। कन्याओं को लोग अलग-अलग तरह के उपहार देते हैं। इसके लिए बाजारों में कई तरह के उपहार उपलब्ध हैं। उपहार के लिए बार्बी डॉल से लेकर टिफिन बॉक्स, गुल्लक और पेंसिल बॉक्स सहित अन्य की खरीद की जा रही है। कन्याओं के लिए ज्योमेट्री बॉक्स, पानी की बोतल, हेयर बैंड, ब्रेसलेट, पर्स, पेंसिल बॉक्स की ज्यादा खरीद की गई। कन्याओं को जिस प्लेट पर भोजन परोसा जाएगा, वह कई तरह के डिजाइन में उपलब्ध है।
पूजा सामग्री की दुकानों पर उमड़ी भीड़
अष्टमी के दिन कन्या पूजन से पूर्व बहुत से घरों में हवन किया जाता है। ऐसे में शहर की सभी पूजा सामग्री की दुकानों पर भीड़ रही। अंतिम दिन पूजन और हवन के लिए सामग्री सहित अन्य सामान की खरीद की गई। बाजार में घी, तेल, आटा, चावल, चीनी सहित अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी की गई।