माछरा/मुंडाली। नंगलामल चीनी मिल के विभागाध्यक्ष (गन्ना एवं प्रशासन) एलडी शर्मा ने बताया कि चीनी मिल द्वारा पेराई सत्र बंदी का अंतिम नोटिस चस्पा कर दिया गया है। 13 मई की शाम 5:00 बजे मिल का पेराई सत्र बंद हो जाएगा।
शर्मा ने बताया कि संचालित समस्त क्रय केंद्रों के कलेंडरों की पर्चियां समाप्त हो गई हैं। मिल द्वार पर भी प्रतिबंधित मुक्त गन्ने की खरीद की जा रही है। चीनी मिल को चलाने के लिए पर्याप्त मात्रा में गन्ना प्राप्त नहीं हो रहा है। किसी किसान के पास गन्ना अवशेष है तो उसे मिल द्वार पर गन्ना आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 1 नवंबर, 2022 को शुरू पेराई सत्र में 11 मई तक 192 दिन में 106.30 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की जा चुकी है, जिसका कुल देय 366.41 करोड़ रुपये है। चीनी मिल द्वारा 28 अप्रैल तक का 341.76 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया गया है। गन्ना विकास कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ना सर्वेक्षण प्रारंभ हो चुका है। किसान गन्ना सर्वेक्षण के समय अपने खेतों पर उपस्थित रहकर अपने समक्ष गन्ने का सर्वेक्षण कराएं।
वहीं, मवाना चीनी मिल ने वर्तमान पेराई सत्र को बंद करने के लिए शुक्रवार को तीसरा नोटिस जारी कर दिया है। जिसमें 13 मई को मिल बंद करने की बात कही है। मवाना चीनी मिल के वरिष्ठ प्रबंधक प्रमोद बालियान ने बताया कि पेराई सत्र 2022-23 में 11 मई तक लगभग 210.03 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर चुकी है। मिल द्वारा पेराई सत्र में संचालित 161 क्रय केंद्रों में से 144 क्रय केंद्र पेराई योग्य गन्ने की उपलब्धता न होने के कारण बंद हो चुके हैं। गन्ने की कम उपलब्धता के कारण पेराई सत्र बंद करने के लिए प्रथम नोटिस एवं द्वितीय का नोटिस दिया जा चुका है। शुक्रवार को चीनी मिल ने तीसरा नोटिस भी जारी कर दिया।