पहली समीक्षा बैठक में ही कानून व्यवस्था व विकास कार्यों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन एवं मेरठ मंडल के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता सख्त तेवर में दिखे। भ्रष्टाचार और दूसरी गंभीर शिकायतों पर उन्होंने जानी, सिविल लाइन और खरखौदा को हटाने के निर्देश दिए। 437 रुपये के बकाए के कारण कनेक्शन काटने पर मंत्री ने विद्युत विभाग के जेई संदीप को निलंबित करने का आदेश दिया। मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में भ्रष्टाचार पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगी।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मंत्री नंदी ने कहा कि शातिर अपराधी बदन सिंह बद्दो पर एक लाख रुपए का ईनाम है, लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई। मंत्री ने एसएसपी से लूट-अपहरण की विवेचनाओं में देरी पर कार्रवाई करने को कहा। कहा कि कुर्की की कार्रवाई अधिक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डीएम और एसएसपी चाहें तो वह अपराधियों पर 14ए के तहत कार्रवाई कर समाज को भयमुक्त कर सकते हैं। नंदी ने कहा कि भीड़ भरे इलाकों में पुलिस गश्त करके व्यापारियों से पूछे कि उन्हें कोई परेशानी तो नहीं है। मंत्री ने एसएसपी से जानी थाने के इंस्पेक्टर संजय वर्मा को तत्काल हटाने और उनका स्थानरांतरण मेरठ जोन से बाहर कराने को कहा। थानाध्यक्ष खरखौदा जितेंद्र कुमार दुबे और सिविल लाइन के इंस्पेक्टर रमेश चंद्र शर्मा को भी हटाए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग बृजेश सिंह, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, सीडीओ शशांक चौधरी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।