मेरठ। शहर में कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। पिछले साल पिछले (एक जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2022 तक ) 42563 लोगों को उन्होंने निशाना बनाया है, यानी हर रोज़ करीब 116 लोग शिकार हो रहे हैं। ये तो वो हैं जो पीएल शर्मा जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए आए, इनके अलावा ऐसे भी लोग हैं जिन्हें कुत्तों ने काटा और उनका रिकॉर्ड नहीं है। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज़ वैक्सीन (वैक्सीन) लगवाने वालों की लंबी लंबी कतारें लग रही हैं। सोमवार को भी शहर के अलावा देहात से भी लोग वैक्सीन लगवाने आए। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि हर रोज काफी संख्या में मरीज एआरवी आ रहे हैं। वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि लोगों को परेशानी न हो।
साल 2022 में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने वालों की माहवार स्थिति
जनवरी 2771
फरवरी 3651
मार्च 4019
अप्रैल 3844
मई 4309
जून 4041
जुलाई 3740
अगस्त 3155
सितंबर 3753
अक्तूबर 3629
नवंबर 2721
दिसंबर 2930
यह है रेबीज
कुत्ता, बंदर, लंगूर आदि के काटने से जो लार व्यक्ति के खून में मिल जाती है, उससे रेबीज की बीमारी होने का खतरा रहता है। रेबीज रोग मानसिक संतुलन बिगाड़ता है। यह रोग 19 साल तक मरीज को अपनी गिरफ्त में ले सकता है।
रेबीज के लक्षण
रेबीज रोगी को सबसे ज्यादा पानी से डर लगता है। रोगी के मुंह से लार निकलती है। यहां तक की वह भौंकना भी शुरू कर देता है।
8500 कुत्तों की नसबंदी, पांच साल में राहत की उम्मीद
मेरठ। शहर को बेसहारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के लिए परतापुर बराल के शंकर नगर फेज दो में संचालित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में 8500 कुत्तों (नर व मादा) की नसंबदी हाे चुकी है। कुत्तों की नसबंदी का मुख्य उद्देश्य इनकी जनसंख्या रोकना है। माना जा रहा है कि अगर इसी प्रकार कुत्तों की नसबंदी का क्रम चलता रहा तो आने वाले पांच साल में जनता को शहर की सड़कों पर कम ही कुत्ते देखने को मिलेंगे। इनके आतंक से भी राहत मिलेगी।
एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के डॉ. जायसवाल ने बताया कि सेंटर पर 70 नर व मादा कुत्ते हैं, जिन्हें नसबंदी करने के बाद चिकित्सा उपचार में रखा गया है। प्रतिदिन निगम कर्मचारी शहर से कुत्तों को पकड़कर सेंटर पहुंचाते हैं। एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर से कुत्तों की नसबंदी और उपचार के दौरान निकलने वाले मेडिकल कचरे को सुभारती मेडिकल कॉलेज की गाड़ी इकट्ठा करती है। कुत्तों को पकड़ने, वैक्सीनेशन और नसबंदी करने का ठेका ओरैया की श्याम हेल्पपिंग इनसाइट कंपनी के पास है। प्रत्येक कुत्ते के पकड़ने, वैक्सीन लगाने और नसबंदी करने की एवज में 998 रुपये दिए जाते हैं।