प्रधानमंत्री की रैली में फर्जी अधिकारी बनकर घूमी थी
28 मार्च 2019 को मेरठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भी वह एस्कार्ट लेकर फर्जी अधिकारी बनकर घूम रही थी। यहां पर तो वह पकड़ी नहीं जा सकी, लेकिन बाद में उसे पकड़ा गया था। इसके बाद भी उसने ऐसे कारनामे बंद नहीं किए।
कई जिलों में पुलिस अधिकारियों पर रौब गालिब किया, वीआईपी सुविधाएं लीं
जोया आईएफएस और आईपीएस जैसे फर्जी अधिकारी बनकर कई जिलों के पुलिस अधिकारियों पर रौब गालिब करती रही। वह ऐसे अंदाज में पुलिस अफसरों-कर्मचारियों से पेश आती थी कि वे उसे सेल्यूट करते थे।
जोया के इसी अंदाज के कारण मेरठ के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, सहारनपुर सहित अन्य जिलों में भी उसे अक्सर वीआईपी सुविधाएं मिलीं। जोया अक्सर लग्जरी गाड़ी से सफर करती है। वर्ष 2019 में तो सरकारी गनर और एस्कॉर्ट भी उसके साथ चलते थे। पुलिस के मुताबिक जोया खान ने स्नातक के बाद वर्ष 2007 में पीसीएस की परीक्षा दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
आवाज बदलकर भी करती थी बात
पुलिस के मुताबिक जोया अक्सर आवाज बदलकर और मोबाइल स्क्रीन पर सीयूजी नंबर दर्शाकर अधिकारियों से बात करती थी। नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण पर भी जोया भड़क गई थी, लेकिन जिस तरह वह पेश आई, उससे शक बढ़ गया। इसके बाद से ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी और इस कड़ी में नोएडा पुलिस भी जोया खान के फ्लैट पर पहुंची थी।