विश्व स्तर पर प्रतिभा के नए आयाम स्थापित करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर पवन कुमार गर्ग का बंगलुरू में निधन हो गया। दुखद खबर मिलने के बाद मुजफ्फरनगर के चरथावल कस्बे में शोक छा गया। परिजन वहां रवाना हो गए। बडे भाई ब्रह्मप्रकाश गर्ग (अध्यक्ष महाराजा अग्रसेन कन्या महाविद्यालय) ने बताया पहली फरवरी को अचानक ब्रेन हेमरेज होने के कारण पवन कोमा में आ गए थे। तब से वही के मणीपाल हॉस्पिटल में भर्ती थे।
सोमवार को दोपहर बाद उन्होंने अंतिम सांस लीं। बता दें उन्होंने विश्व की नंबर दो की सॉफ्टवेयर कंपनी आईबीएम के चेयरमैन, टाटा कंटलटेंसी सर्विसेज के वाइस प्रेसीडेंट, आईसीआईएस के अध्यक्ष, और डीएचक्यू के सीईओ के पद को बखूबी निभाया।
व्यस्त कॅरियर में साल के चंद दिनों के लिए उन्हें बचपन की यादें चरथावल खींच लाती थी। पैतृक सरजमीं पर आने के बाद वह हमेशा शिक्षण संस्थाओं में छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर से जुड़ने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने वर्ष 1974 मे आईआईटी कानपुर से बीटेक और एमटेक किया था। परिवार सहित वह बंगलुरू में रहते थे।