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Meerut: हस्तिनापुर पहुंचे मोहन भागवत, 'कृषक संगम' में होंगे शामिल, दो दिन सैलानियों के लिए बंद रहेगा जंबूद्वीप

Sat, 18 Mar 2023 01:15 PM IST
Dimple Sirohi रविंद्र चौहान, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

हस्तिनापुर में गो आधारित जैविक कृषि ‘कृषक संगम’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक डॉ. मोहनराव भागवत आज मेरठ पहुंचे। वह जंबूद्वीप में बंगला नंबर 10 में रुकेंगे, जहां पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। वह 19 मार्च को कृषक संगम में शामिल होंगे।
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संघ प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में हस्तिनापुर के जंबूद्वीप पर शुक्रवार से शुरू हुए गो आधारित जैविक कृषि ‘कृषक संगम’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक डॉ. मोहनराव भागवत आज मेरठ पहुंचे। वह 19 मार्च को शामिल होंगे। इसे देखते हुए जंबूद्वीप शनिवार व रविवार को सैलानियों के लिए बंद रहेगा। भागवत के कार्यक्रम को देखते हुए एडीजी और आईजी ने जंबूद्वीप स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के दिशा निर्देश दिए।
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एडीजी राजीव सभरवाल, आईजी नचिकेता झा, एसपी देहात अनिरुद्ध सिंह, सीओ आशीष शर्मा, थाना प्रभारी बच्चू सिंह के साथ जंबूद्वीप स्थल पर होने वाले डॉ. मोहनराव भागवत के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने जंबूद्वीप के अंदर पैदल मार्च कर सभी सुरक्षा व्यवस्था की जांच की और उसके बाद पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई दिशा निर्देश दिए। आईजी नचिकेता झा ने जंबूद्वीप में हर गतिविधि की जानकारी ली अगले दो दिन जंबूद्वीप को सैलानियों के लिए बंद करने के निर्देश दिए। 

कृषक सम्मेलन में माछरा से पहुंचे किसान
माछरा। भारतीय किसान संघ के तीन दिवसीय जैविक कृषि कृषक सम्मेलन में माछरा से अनेक कार्यकर्ता हस्तिनापुर पहुंच गए हैं। माछरा से भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी के नेतृत्व में राकेश त्यागी, अश्वनी त्यागी, शिवकुमार शर्मा, कृष्ण शर्मा, शिवनन्दन त्यागी, अवधेश त्यागी आदि करीब एक दर्जन किसान भाग लेने के लिए पहुंचे। संवाद

जंबूद्वीप के बंगला नंबर 10 में रुकेंगे मोहन भागवत
पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक डॉ. मोहन राव भागवत के कार्यक्रम को देखते हुए उनके रुकने के लिए जंबूद्वीप में बंगला नंबर 10 तैयार किया है। जहां पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हैं। एडीजी ने बंगले के अंदर जाकर निरीक्षण किया और आसपास कड़ी सुरक्षा के दिशा निर्देश पुलिस कर्मियों को दिए। 

शनिवार को हस्तिनापुर पहुंच सकते हैं भागवत
भारतीय किसान संघ के कार्यक्रम में मोहन भागवत जैविक खेती के साथ गो आधारित खेती के बारे में किसानों को बताएंगे। वह शनिवार शाम तक जंबूद्वीप पहुंच सकते हैं। जहां वह रात्रि विश्राम करेंगे और रविवार को किसानों को प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर के मोती धनुष अयोध्यापुरी मंडप में किसानों को संबोधित करेंगे।

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आवारा गोवंश को मिलेगा संरक्षण
प्राकृतिक एवं गो आधारित खेती से जहां किसानों की आय बढ़ेगी, वहीं सड़कों पर घूम रही आवारा गोवंश को संरक्षण मिलेगा। इसके लिए सरकार ने पूरा खाका तैयार कर लिया है। किसानों को गो आधारित खेती की ओर उन्मुख करने के लिए कई बड़े जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगरी में भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय कार्यक्रम में भारतीय गाय के महत्व और उसके संरक्षण से होने वाले लाभ के बारे में किसानों को बताया गया। प्राकृतिक कृषि गो आधारित अर्थात देशी गाय आधारित कृषि है। प्राकृतिक कृषि के माध्यम से किसान गाय की रक्षा कर पाएंगे। आज गांव व कस्बों से लेकर शहरों, महानगरों तक की सड़कों और हाईवे तक पर घुमंतू गायों के झुंड देखे जा सकते हैं। ये किसानों द्वारा छोड़ी हुई ऐसी गाय हैं जो दुग्ध उत्पादन नहीं करती हैं अथवा बांझपन की शिकार हैं। परंतु सरकार ने अब इस समस्या का हल निकाल लिया है, जिसका पूरा खाका तैयार किया गया है। 
गो आधारित खेती से किसानों के खेतों की उर्वरक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। कृषि विशेषज्ञ द्वारा बताया गया कि आवारा घुमंतू देसी गाय के गोबर और मूत्र में पालतू देसी गाय से भी ज्यादा खेती में काम आने वाले कीटाणु पाए जाते हैं। ऐसे किसान जिनके पास आज देसी गाय नहीं है, वह भी आवारा घूमने वाली देसी गाय को पकड़कर प्राकृतिक खेती की शुरुआत कर सकते हैं। इससे आवारा देसी गाय को नया जीवनदान मिलेगा। किसान की आमदनी में इजाफा होने के साथ ही उनके खेतों की मिट्टी की दशा में सुधार होगा। 

देश के कोने-कोने से आईं किसानों की 147 टोलियां
शुक्रवार रात तक कृषक संगम में भाग लेने के लिए महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, दिल्ली, सिक्किम, बिहार, लातूर, तमिलनाडु, उड़ीसा, मिजोरम, झारखंड, असम, तेलंगाना, मिजोरम, पश्चिम बंगाल आदि से 147 किसानों की टोलियां ट्रेनों से पहुंचीं। संघ के अनुसार करीब 500 जैविक किसानों को बसों से हस्तिनापुर पहुंचाया गया। सिटी स्टेशन पर लगे शिविर में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बद्री नारायण चौधरी पहुंचे और व्यवस्थाएं देखीं। तीन दिवसीय ‘कृषक संगम’ शुक्रवार को शुरू हो गया। ट्रेनों से आने वाले जैविक किसानों को स्टेशन पर अल्प अहार कराया गया। 
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