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Meerut : मामा-भांजे के विवाद में मंत्री की एंट्री, दिनेश खटीक बोले- किसी से बात करने का मतलब धमकी देना नहीं

Thu, 14 Sep 2023 12:30 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

Meerut News : मंत्री दिनेश खटीक का कहना है कि क्षेत्र के लोगों ने बुधवार को दिव्यांशु की तरफ से पंचायत बुलाई थी। उन्हें भी बुलाया गया था। प्रदीप को भी पंचायत में आना था, गांव के लोगों ने बताया कि वो नहीं आए हैं तो मैने फोन कर पूछा कि आप क्यों नहीं आए।
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मंत्री का ऑडियो वायरल
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विस्तार
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मेरठ में मवाना के सीना गांव निवासी प्रदीप और मवाना निवासी उनके भांजे दिव्याशु में एक मकान को लेकर विवाद है। इसको लेकर दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। इसी प्रकरण में जलशक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक का एक ऑडियो वायरल हुआ है। 

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प्रदीप का कहना है कि ऑडियो में मंत्री ने उन्हें देख लेने की धमकी दी। वहीं, राज्यमंत्री दिनेश खटीक का कहना है कि क्षेत्र के लोगों ने बुधवार को दिव्यांशु की तरफ से पंचायत बुलाई थी। उन्हें भी बुलाया गया था। प्रदीप को भी पंचायत में आना था, गांव के लोगों ने बताया कि वो नहीं आए हैं तो मैंने फोन कर पूछा कि आप क्यों नहीं आए। उन्होंने मुझसे बदसलूकी की, जिस पर मैने उनको जवाब दिया। मेरा इसमें अपना निजी कोई मामला नहीं है। क्षेत्र के लोग समस्याएं लेकर आते हैं तो लोगों से बातचीत भी की जाती है। उन्होंने कहा कि बातचीत की ऑडियो अधूरी है, पहले की वीडियो जानबूझकर काट दी गई है।

ये है विवाद
मवाना निवासी दिव्यांशु ने पुलिस से शिकायत में कहा है कि उसके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हैं। इस वजह से मेरे दादा ने एक मकान मवाना में खरीदा था, पिता की आदत के कारण उसे नाना धीरज सिंह के नाम कर दिया। नाना ने वादा किया था कि जब बच्चे बालिग होंगे तो मकान अपने नाती के नाम पर कर देंगे। नाना की मौत के बाद मेरे मामा प्रदीप कुमार की नीयत खराब हो गई। अब ये मकान उन्होंने बेच दिया है। इसी को लेकर गांव के लोगों ने पंचायत बुलाई थी, उसमें राज्यमंत्री दिनेश खटीक भी बुलाए थे। मामा प्रदीप नहीं आए तो राज्यमंत्री ने उनको फोन किया, जिस पर मामा ने उनसे बदसलूकी की। इसके बाद मंत्री बोले तो आधा ऑडियो वायरल कर दिया।

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वहीं, प्रदीप का कहना है कि ये प्लाट उनके पिता के नाम पर था। इसमें भांजे का कोई लेना-देना नहीं है। बैनामा हुए 32 साल हो गए हैं। पांच साल पहले पिता की मौत हो गई। हम दो भाई हैं। परिवार के कई कार्य हैं, ऐसे में बैनामा कर दिया। जिस दिन बैनामा हुआ तो दिव्यांशु के दूसरे दादा कहने लगे कि कब्जा नहीं देंगे। कोई पंचायत नहीं थी, भांजे के परिवार के लोग रविवार को मंत्री के पास थे, बाद में मैं भी गया था। मैंने कोई बदसलूकी नहीं।

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मामा-भांजे का मकान का विवाद है। सीओ मवाना जांच कर रहे हैं। - कमलेश बहादुर, एसपी देहात
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