मेरठ। साकेत के सत्संग भवन में चिन्मय मिशन मेरठ की ओर से तीसरे दिन की कथा हुई। इसमें स्वामी माधवनंद सरस्वती ने बताया कि मन ही मनुष्य के बंधन और मोक्ष का कारण है। उन्होंने कहा कि जब मन सांसारिक विषयों में आसक्त होता है तो जीव बंधन में पड़ता है और उससे छूटने का प्रयास भी करता है। अन्य किसी योनि में ऐसा संभव नहीं है। मनुष्य किसी भी प्रकार का दुख भोगना नहीं चाहता है। फिर भी उसे दुख भोगना पड़ता है। इसके लिए दोबारा जन्म लेना पड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने अन्य कई प्रसंग सुनाए। संचालन एमएल अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में मंदाकिनी, अर्चना सिंह, नीना मित्तल, योगेश सिंह, डाॅ. एसके सूरी सहित अन्य का सहयोग रहा। संवाद