- 3 साल से लापता 33 बच्चों का नहीं लगा सुराग, नही थम रही बच्चों की तस्करी
उबैद सिद्दीकी
मेरठ।
जिले में हर दिन औसत एक से दो बच्चा होने की शिकायतें चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पहुंच रही है। पुलिस का सिस्टम बच्चे बरामद करने में फेल हो रहा है। तीन वर्ष के आंकड़ों पर 33 बच्चे लापता हैं। गयाब बच्चों के लिए 1098 महिला एवं बाल विकास व सीआईडी अपराध शाखा अन्वेषण की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीमो का ज्वाइंट ऑपरेशन मुस्कान चलाया जा रहा है। मेरठ से गायब होने वाले बच्चे देश के बड़े शहरों में फंसे हुए हैं। जहां उन्हें कारखाने व भीख मांगने का काम किया जा रहा है। कुछ बच्चों को गलत धंधों में ढकेल दिया गया है। बच्चों का अपहरण कर मानव तस्करी कराई जा रही है। तस्करी करने के लिए ज्यादातर नाबालिक बच्चों को तलाशा जाता है। थानो गुमशुदा हुए बच्चों कोल ढूंढने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। चाइल्ड हेल्पलाइन की डायरेक्टर अनीता राणा ने बताया कि बच्चों की बरामदी को लेकर ऑपरेशन मुस्कान चलाया जाता है।
इन्
इंसेट....
बच्चों को खोजने के लिए बने पांच स्थान
रेलवे स्टेशन ,बस अड्डे, चौराहे पर भीख मांगने रहे बच्चे, फैक्ट्रियों में बंधुआ मजदूरी कर रहे बच्चे, भीड़ भाड़ वाले इलाकों में तलाशी।
तीन साल में दर्ज हुए आंकड़े....
वर्ष गुमशुदा बरामद गायब
2019 114 101 13
2020 51 41 10
2021 49 39 10
वर्जन एसपी क्राइम
अनित कुमार का कहना है कि बच्चों को तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। गुमशुदा बच्चों के लिए टीमे लगी हुई है।
तीन अपराधियों के खिलाफ होगी जिला बदर की कार्रवाई
- तीनो आरोपियों के खिलाफ लूट के चोरी के मामलों के दर्जनों मुकदमें है दर्ज
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मेरठ।
देहली गेट थाना क्षेत्र से गैंगस्टर व गुंड एक्ट में वांछित चल रहे तीन अपराधियों के खिलाफपुलिस ने जिला बदर की कार्रवाई शुरू कर दी है। इन तीनों अपराधियों के खिलाफ लूट व चोरी के मुकदमें दर्ज है।
सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया ने बताया कि जली कोठी के रहने वाला जाकिर उर्फ 26, सुहेल उर्फ शीला और आकिल शातिर किस्म के अपराधी है। तीनों चोरी व लूट के मोबाइल खरीदने का काम करते है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन तीनों के पास शहर में कही भी मोबाइल की चोरी व लूट होती है तो इनके पास ही आते है। जाकिर उर्फ 26 के खिलाफ देहली गेट थाने में 40 से ज्यादा मुकदमें दर्ज है। इसकी गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली व देहली गेट थाना पुलिस की टीम कई बार छापेमारी कर चुकी है, जिसके चलते इन तीनों के खिलाफ पुलिस गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की कार्रवाई भी कर चुकी है, लेकिन यह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा है। सीओ का कहना है कि अब इन तीनों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की जा रही है।