कृषि कानून धार्मिक ग्रन्थ नहीं जो बदला ना जा सके: केसी त्यागी
मेरठ। बृहस्पतिवार को मेरठ के सदर बाजार स्थित मदरसा इमदादुल इस्लाम पहुंचे जनता दल यूनाइटेड ( जेडीयू ) के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने कृषि कानून को लेकर किसानों का समर्थन किया है। कहा कृषि कानून कोई धार्मिक ग्रन्थ नहीं जो उसमें बदलाव न हो सके। देश में किसानों की हालत एक जूता पोलिश करने वाले मोची से भी बदतर है। एक सर्वे कम्पनी ने किसानों की आय को लेकर इसका रिपोर्ट पेश की थी। हालांकि कृषि कानून पर किसानों और केंद्र सरकार को जिद्दी बताया। दोनों अपनी हठधर्मी पर हैं, जो गलत है।
कृषि कानून में एमएसपी ( न्यूनतम समर्थन मूल्य ) खत्म करने की बात गलत है। लेकिन किसान विरोध कर रहे हैं तो उनक़ा समाधान होना चाहिए। किसानों को एमएसपी मिल ही नहीं रहा है। पिछले सात सालों स्टील, दूध , कापर सहित अन्य सामान पर लागत ज्यादा का हवाला देकर महंगाई बढ़ रही है। जबकि किसानों की लागत बढ़ी है, लेकिन उनकी फसल मूल्यों में कोई वृद्धि नहीं हुईं। कहा किसानों व सरकार के बीच समझौता करने के लिए मध्यस्ता करने को तैयार हैं। राकेश टिकैत ने एक बयान में केसी त्यागी को मध्यस्ता की बात कही थी। उन्होंने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जेडीयू के लड़ने का आह्वान किया है। 2017 में उप्र में चुनाव नहीं लड़ना हमारी गलती थी। लेकिन 2022 में प्रदेश में चुनाव लड़ेंगे। कहा एनडीए में बात बनी तो ठीक, नहीं तो अकेले चुनाव लड़ेंगे। बिहार से सटी विधानसभा सहित 200 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने ओवैसी को वोट कटवा पार्टी बताया। उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण मामले को लेकर राजनीति करना गलत है। उन्होंने धर्मांतरण मुद्दे को सिर्फ एक प्रोपगंडा करार दिया।
मौलाना शाहीन जमाली सर्वधर्मों के हितैषी थे
केसी त्यागी ने कहा मरहूम मौलना महफूजुर्रहमान शाहीन जमाली चतुर्वेदी सर्वधर्मों के हितैषी थे। उनके इंतकाल के दिन मेरठ न आने का मलाल है। उनके बेटे मौलाना मशहुदुर्रहमान शाहीन जमाली से मिलने उन्हें सांत्वना देने मेरठ आया हूँ। मौलाना जमाली का जाना देश व विदेश के उनके अनुयायियों के लिए बड़ी क्षति है। केसी त्यागी को मौलाना जमाली द्वारा लिखी किताब ' क्या इस्लाम पर ऐतराज है' भेंट की। जिसमें वसीम रिजवी के कुरान की 24 आयतों पर उठाए गए सवालों और धर्मांतरण मूद्दे की जानकारी दी गई है।