जानकारी के अनुसार थाना लिसाड़ी गेट पर गोकशी, लूट, चोरी, डकैती आदि अपराधों के 300 अपराधियों का सत्यापन किया गया, जिसमें पांच थानों के पुलिस फोर्स को मिलाकर 24 टीमें बनाई गईं।
प्रत्येक टीम में एक उपनिरीक्षक, एक बीट कांस्टेबल, एक महिला कांस्टेबल, तीन आरक्षी को लगाया गया। प्रत्येक टीम में पांच पुलिसकर्मी थे। इस तरह से लगभग डेढ़ सौ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी द्वारा अभियुक्त गणों के घर पर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति व उनका सत्यापन किया गया।
सत्यापन में कुछ अपराधी घर पर मौजूद मिले, तो कुछ अपराधी बाहर काम पर गए, कई अपराधियों का सत्यापन नहीं हो सका जो लापता थे। इस तरह से कुल 300 अपराधियों का सत्यापन किया गया।