दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर तीसरी सुरंग का सफलतापूर्वक निर्माण कर लिया गया है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया मेरठ में आरआरटीएस कॉरिडोर की यह तीसरी टनल है, जिसका सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू हुआ है।
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस ( रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम ) कॉरिडोर पर मेरठ में तीसरी सुरंग का मंगलवार को सफल ब्रेकथ्रू हुआ। इस टनल का निर्माण कर रही सुदर्शन 8.2 (टनल बोरिंग मशीन) ने भैंसाली से मेरठ सेंट्रल स्टेशन के बीच लगभग 2 किलोमीटर लंबी सुरंग का सफलतापूर्वक निर्माण पूरा कर लिया और मेरठ सेंट्रल स्टेशन में बनाई गयी सुरंग से रिट्रीविंग शाफ्ट से ब्रेकथ्रू किया।
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मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया मेरठ में आरआरटीएस कॉरिडोर की यह तीसरी टनल है, जिसका सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू हुआ है। करीब डेढ़ महीने पहले भैंसाली से मेरठ सेंट्रल स्टेशन तक की ही पहली टनल का निर्माण सुदर्शन 8.1 ने पूर्ण किया था।
आरआरटीएस के भूमिगत कॉरिडोर में ट्रेनों की आवाजाही के लिए दो समानांतर सुरंग निर्मित की जाती हैं। भैंसाली से मेरठ सेंट्रल तक की दूसरी समानांतर सुरंग का निर्माण पूर्ण होने इस हिस्से का भूमिगत कार्य पूरी तरह निर्मित हो चुका है।
मेरठ में सुरंग कार्य पूर्ण होने का पहला सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू अक्टूबर 2022 में हुआ था। जिसके अंतर्गत सुदर्शन 8.3 ने गांधीबाग से बेगमपुल तक की सुरंग का निर्माण किया था। वर्तमान में यही सुदर्शन 8.3 गांधीबाग से बेगमपुल तक की दूसरी समानांतर सुरंग का निर्माण कर रही है।
आने वाले हफ्तों में भैंसाली से मेरठ सेंट्रल तक सुरंग निर्माण कर चुकीं दोनों टीबीएम- सुदर्शन 8.1 और सुदर्शन 8.2 को भैंसाली से बेगमपुल के बीच समानांतर सुरंग निर्माण के लिए फिर से कार्य शुरू करेंगी। जबकि दूसरे नंबर पर मेरठ की सबसे लंबी सुरंग का 15 दिसंबर 2022 को सफल ब्रेकथ्रू हुआ। जो भैंसाली से मेट्रो स्टेशन तक करीब 2 किमी. लंबी सुरंग तैयार की थी।