एनसीआरटीसी ने रैपिड रेल कॉरिडोर के सबसे ऊंचे मेरठ चौराहा स्टेशन का वास्तविक डिजाइन किया जारी
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दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के बारे में बताने के लिए जल्द ही एक विशेष डॉक्यूमेंट्री बनाई जाएगी। एनसीआरटीसी इसके लिए हर महीने ड्रोन से वीडियोग्राफी करा रहा है। देश के पहले रैपिड रेल प्रोजेक्ट का कार्य तेज गति से चल रहा है। इसमें कई विश्वस्तरीय कंपनियां और बैंक सहयोग कर रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने डॉक्यूमेंट्री के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली से मेरठ तकि 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर दिन-रात काम चल रहा है। मेरठ में तीन भूमिगत स्टेशनों और सुरंग खोदाई का कार्य हो रहा है। इस प्रक्रिया को भी वीडियो में शामिल कर फिल्म में जोड़ा जाएगा।
विकास को मिलेगी रफ्तार
मोहिउद्दीनपुर से मोदीपुरम तक एलिवेटिड और भूमिगत निर्माण कार्य किया जा रहा है। देश की पहली रैपिड रेल में मेरठ का नाम जुड़ना भी अहम है। रैपिड ट्रेन से महज 55 मिनट में दिल्ली पहुंच सकेंगे। इससे एनसीआर में विकास को रफ्तार मिलेगी।
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शताब्दीनगर में तैयार हो रही पटरियां
मेरठ शहर में ही शताब्दीनगर में रैपिड रेल संचालन के लिए पटरियां तैयार की जा रही है। इसके लिए अलग से प्लांट लगाया गया है। वहीं, कॉस्टिंग यार्ड में भूमिगत सुरंग के लिए रिंग बनाए जा रहे हैं। जिसे बड़े ट्रक की मदद से साइट पर पहुंचाने का कार्य किया जाता है। इन सभी निर्माण गतिविधियों को भी डॉक्यूमेंट्री में शामिल किया जाएगा।
दुहाई से मुरादनगर के बीच रैपिड रेल का एलिवेटेड ट्रैक तैयार
रैपिड रेल के दुहाई से मेरठ दक्षिण वाले सेक्शन में अक्तूबर 2023 में ट्रेन दौड़ेगी। ऐसे में प्राथमिकता खंड के बाद दुहाई से मुरादनगर के बीच कुल छह में से पांच किमी हिस्से में एलिवेटेड ट्रैक तैयार हो गया है।
आखिरी एक किमी वाले भाग के अगस्त तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। एलिवेटेड ट्रैक तैयार होने के बाद दुहाई से मुरादनगर के बीच पटरियों को बिछाने, सिग्नलिंग और बिजली की लाइन संबंधी काम शुरू अगस्त माह से शुरू हो जाएगा।