संस्कृत दिवस के अवसर पर संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन को लेकर भाजपा नेता पंडित सुनील भराला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। उन्होंने प्रदेश में संस्कृत शिक्षा को मजबूत करने के लिए संस्कृत विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कराने, नियमित शिक्षकों की नियुक्ति करने और पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।
सुनील भराला ने पत्र में कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान परंपरा, संस्कृति और संस्कारों की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने संस्कृत को सरकारी और निजी विद्यालयों में इंटरमीडिएट स्तर तक अनिवार्य किए जाने की मांग भी रखी।
उनका कहना है कि विद्यालय स्तर से ही विद्यार्थियों को संस्कृत से जोड़ने से नई पीढ़ी में भाषा के प्रति रुचि और गौरव की भावना विकसित होगी। संस्कृत का संरक्षण केवल किसी भाषा को बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा और देश की सभ्यता को संरक्षित करने का संकल्प है।
इसके लिए सरकार के साथ समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने संस्कृत दिवस पर लोगों से संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेने तथा इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।