सांसद राजेंद्र अग्रवाल बोले-हम आपको नहीं मानते संन्यासी
मेरठ महानगर संघ चालक विनोद भारती से हुई गहमागहमी शांत हुए 10 मिनट ही हुए थे कि भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल शंकराचार्य से मिलने पहुंच गए। सांसद ने विवाद के विषय में बात करनी चाही तो शंकराचार्य उन पर भी नाराज हो गए। बोले, आप भी संघ से हैं क्या? मुझे आपसे नहीं मिलना। इस पर बौखलाए सांसद ने कहा, आप बताएं आपने राष्ट्र के लिए क्या किया है? हम भी आपको सन्यासी नहीं मानते।
तीखी बहस के बीच शंकराचार्य के सेवक और समर्थक सांसद को जबरन बाहर ले गए। शंकराचार्य भी वहीं से जाने लगे। उन्होंने कुछ लोगों से कहा, मुझे उंगली दिखा रहे हैं। इस तरह अपमान के लिए न बुलाएं । आरएसएस के लोग खुद को धर्माचार्यों से भी बड़ा धर्माचार्य मान रहे हैं। हमारी हजारों साल पुरानी परंपरा पर हावी होना चाहते हैं। उनको पैदा हुए अभी सौ साल भी नहीं हुए हैं और ढाई हजार साल पुरानी शंकर परंपरा के शंकराचार्य से पूछते हैं कि तुमने राष्ट्र और संस्कृति के लिए क्या किया है ?
कांग्रेस का वार शंकराचार्य सर्वोच्य पद, सांसद भूले
पूज्य शंकराचार्य हिंदू धर्म में सर्वोच्च पद पर हैं। अहंकार में डूबे भाजपा सांसद और संघ पदाधिकारियों ने पूज्य शंकराचार्य से बहस कर समस्त हिंदू धर्म के अनुयायियों का अपमान किया है। -अभिमन्यु त्यागी, प्रदेश प्रवक्ता, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी
मैं तो दर्शन के लिए पहुंचा था। लेकिन, शंकराचार्य का व्यवहार पूरी तरह अमर्यादित था। ऐसा व्यक्ति संन्यासी नहीं हो सकता। उनके सेवकों ने अभद्र व्यवहार किया। - राजेंद्र अग्रवाल, सांसद, मेरठ