थाईलैंड में मिसेज इंडिया माई आईडेंटिटी 2022 प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमे 42 वर्षीय निशा प्रधान ने असम प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने असम की पारंपरिक पोशाक मेखला चादर पहन रैंप वॉक किया। देशभर से 35 फाइनलिस्ट चुने गए, निशा उनमें से एक थी।
मेरठ की बहु निशा प्रधान के सिर थाईलैंड में मिसेज इंडिया माई आइडेंटिटी 2022 रनर अप का ताज सजा है। पेशे से इंजीनियर निशा प्रधान शादी के बाद गृहिणी बनकर रहना चाहती थीं।
विज्ञापन
वह बताती हैं कि बैंगलोर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कि और अमेरिका की प्रतिष्ठित कंपनी में तीन साल नौकरी की। 17 साल पहले निशा की शादी फूलबॉग कॉलोनी निवासी कर्नल राजीव प्रधान के साथ हुई। फिलहाल निशा अपने बेटे वीरप्रताप सिंह और बेटी समायरा प्रधान संग दिल्ली कैंट स्थित करियप्पा में रह रही हैं।
थाईलैंड में मिसेज इंडिया माई आईडेंटिटी 2022 प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमे 42 वर्षीय निशा प्रधान ने असम प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने असम की पारंपरिक पोशाक मेखला चादर पहन रैंप वॉक किया। देशभर से 35 फाइनलिस्ट चुने गए, निशा उनमें से एक थी। फिनाले में निशा को पहले रनर अप का ताज पहनाया गया। इसके अलावा उन्हें आयरन लेडी, बेस्ट स्पीकर एवं सोशल इंफ्लुएंसर की उपाधि से भी नवाजा गया।
विज्ञापन
खून में वीरता
निशा प्रधान भारतीय नौसेना 1971 के युद्ध के दिग्गज परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पिता कमांडर बलजीत सिंह ने इस युद्ध में शौर्य दिखाया था। छोटा भाई विंग कमांडर विकास बरगट भारतीय वायुसेना में शिलौंग में कार्यरत है। पति कर्नल राजीव प्रधान भारतीय सेना में हैं और जबलपुर में कार्यरत हैं। वह बताती हैं कि मेरे खून में ही वीरता है।