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रैपिडएक्स हादसे की बड़ी वजह आई सामने: सपोर्ट होता तो नहीं गिरता चार टन वजनी स्लैब, आठ मजदूर हुए थे घायल

Tue, 18 Jul 2023 07:18 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ रैपिडएक्स हादसा : डीएम दीपक मीणा के हस्तक्षेप के बाद NCRTC ने तीन अधिकारियों की जांच कमेटी गठित की है। जानिए आखिर स्लैब कैसे गिरा था।
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रैपिडएक्स के कर्मचारियों पर गिरा स्लैब। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के शॉप्रिक्स मॉल चौराहे पर रविवार रात तीन बजे रैपिडएक्स का स्लैब गिरने में प्रथम दृष्टया इंजीनियरों की लापरवाही सामने आई है। सूत्रों का कहना है कि स्लैब भरने से पहले उसे पूरी तरह से सपोर्ट नहीं दी गई। इस कारण हादसा हो गया। गनीमत रही कि स्लैब खाली था। इसमें कंकरीट भरने की प्रक्रिया शुरू ही हुई थी। अगर ये पूरा भरकर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। एक बड़े स्लैब में 40 घन मीटर कंकरीट आती है। ऐसे में इसका वजन एक लाख किलोग्राम यानि 100 टन से भी अधिक होता है। वहीं एनसीआरटीसी के डायरेक्टर अनिल शृंगारिया ने अफसरों के साथ मौका मुआयना किया और अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जाना।
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16 हजार से ज्यादा मजदूर दिन-रात रैपिडएक्स के काम में जुटे हैं। प्रथम खंड के लिए मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त सीएमआरएस की ओर से मंजूरी भी दे दी गई है। अब मेरठ में परतापुर तक इसे मार्च-2024 तक लाने की तैयारी है। रविवार रात तीन बजे शॉप्रिक्स मॉल के पास क्रेन से स्लैब रखा गया था। इसे कंकरीट से भरने का काम हो रहा था, तभी कुछ ही देर में यह भरभराकर गिर पड़ा। आठ मजदूर भी गिर पड़े और घायल हो गए।

गनीमत रही कि जब स्लैब गिरा तो कोई वाहन नीचे से नहीं गुजर रहा था। स्लैब खाली था, जिसका वजन भी करीब चार टन होता है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि घटना की जांच के लिए तीन विशेषज्ञ अफसरों की कमेटी का गठन किया गया है। जल्द ही टीम रिपोर्ट देगी। डीएम दीपक मीणा ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर एनसीआरटीसी के प्रबंधक निदेशक विनय कुमार सिंह से बातचीत की।

भोला की हालत गंभीर, दिल्ली अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया
हादसे में घायल हुए मजदूर भोजपुर बिहार निवासी भोला की हालत गंभीर है। सोमवार को रैपिडएक्स के अधिकारियों ने उसे दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं इंजीनियर नीरज ने बताया कि स्लैब गिरते ही रोड पर अंधेरा छा गया। मजदूरों की चीख पुकार सुनकर सभी लोग मदद को दौड़े। भगवान ने ही जान बचा ली।

 

अचानक स्लैब गिरा, चीख पुकार मची
रैपिडएक्स इंजीनियर हिमाचल के धीरज ने बताया कि दो साल से रैपिडएक्स के कार्य में जुटा हूं। रविवार रात स्लैब डालने का काम चल रहा था। अचानक स्लैब गिरने से अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों की भीड़ अंदर दौड़ पड़ी। ऐसा लग रहा था कि अब जिंदा नहीं बचेंगे।

भगवान ने मुझे बचा लिया
राम इकबाल पुत्र बालकरण निवासी बहराइच ने बताया कि मैं स्लैब के नीचे खड़ा था। तभी अचानक स्लैब गिर गया। मेरे साथ दो और मजदूर भोला व धर्मेंद्र काम कर रहा थे। मैं जाल में फंस गया था। भगवान ने जान बचा ली।

केस नंबर तीन
विद्यासागर पुत्र विनोद पासवान निवासी भोजपुर बिहार ने बताया कि सब कुछ अचानक हो गया। मैं ऊपर जाल के पास खड़ा था। स्लैब गिरते ही आंखों के सामने अंधेरा छा गया। मैं मलबे में फंस गया।
 
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ये मजदूर हुए थे घायल
भोला पुत्र जयवीर पासवान निवासी भोजपुर बिहार
धीरज पुत्र दुर्गा दल निवासी राजगढ़ मंडी हिमाचल प्रदेश
सुरजीत कुमार पुत्र उमेश पासवान निवासी भोजपुर बिहार
राम इकबाल पुत्र बालकरण निवासी बहराइच
धर्मेंद्र पुत्र नर्मदा यादव निवासी बहराइच
चंदन कुमार पुत्र सुरेश शाह निवासी भोजपुर बिहार
सोनू कुमार पुत्र श्याम बिहारी निवासी गाजीपुर
विद्यासागर पुत्र विनोद पासवान निवासी भोजपुर बिहार

रास्ता पहले ही रोक दिया था
दिल्ली रोड पर रैपिडएक्स का स्लैब गिरने के मामले में रैपिड की तकनीकी टीम जांच करने में लगी है। रात में मैं मौके पर गया था। जहां पर स्लैब गिरा है, वहां का रास्ता पहले ही आम पब्लिक के लिए बंद कर दिया गया था। एक कर्मचारी की हालत गंभीर है, जबकि अन्य सात कर्मचारियों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। - दीपक मीणा, डीएम
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