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Meerut Nikay Chunav Result: सरधना नगर पालिका पर लगातार दूसरी बार लहराया जीत का परचम

Sun, 14 May 2023 10:45 AM IST
Dimple Sirohi शाह आलम त्यागी, अमर उजाला, मेरठ

सार

सरधना नगर पालिका में अध्यक्ष पद पर सबीला बेगम तीसरी बार विजयी हुई हैं। यहां बसपा की बढ़त ने भाजपा की हार की घंटी बजा दी है। भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई है। पढ़ें ये खबर।
 
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प्रत्याशी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरधना नगर पालिका सरधना के अध्यक्ष पद पर सबीला बेगम के सिर पर तीसरी बार सरधना का ताज बंधा है। वहीं, लगातार दूसरी बार जीत हासिल करते हुए सपा प्रत्याशी ने अपनी मजबूत जीत दर्ज की है। जबकि बसपा प्रत्याशी सुमन पंवार के कड़े मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई है। सरधना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे पुराना निजाम ही पसंद है। 
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 मुस्लिम बाहुल्य नगर पालिका परिषद सरधना में अध्यक्ष पद पर जहां तीन बार सबीला बेगम में काबिज रही हैं वहीं एक बार उनके पति निजाम अंसारी भी चेयरमैन रहे हैं। ऐसे में बीस साल से सबीला बेगम का नगर पालिका सरधना पर सत्ता चली आ रही है।
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नगर पालिका में सपा प्रत्याशी सबीला बेगम की जीत पर बसपा प्रत्याशी सुमन पंवार ने गले मिलकर दी बधाई। - फोटो : अमर उजाला
सबीला बेगम 2007, 2017 में भी सरधना की चेयरपर्सन रह चुकी हैं। शनिवार की सुबह निकाय चुनाव की मतगणना शुरू होने के बाद जहां शुरू में त्रिकोणीय मुकाबला हो गया था। साथ में भाजपा प्रत्याशी मुकाबले में शामिल होने के लिए लगातार कोशिश कर रही थी। लेकिन सपा प्रत्याशी सबीला बेगम, बसपा से सुमन पंवार के अलावा निर्दलीयों में सरवरी मलिक व तनवीर आरिफ ने भाजपा को मुख्य मुकाबले में शामिल नहीं होने दिया।

नगर पालिका के पच्चीस वार्डों में सपा बसपा के बीच ही रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। सपा प्रत्याशी सबीला बेगम ने कुल 8773, बसपा से सुमन पंवार ने 7930 वहीं, निर्दलीय शीबा अंसारी ने 4289, सरवरी 3933, तनवीर 3261 जबकि भाजपा प्रत्याशी मंजू लता जैन को कुल 3026 वोट मिले हैं।

कस्बा सरधना में करीब 22 हजार वोट मुस्लिमों से अलग विभिन्न समुदायों की हैं। जिनमें कुल 32252 वोट पड़े और 1436 मत कैंसिल हुए। वहीं, 70 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया। ऐसी स्थिति में भी भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त होना संगठन पर बड़े सवाल उठ रहे हैं।

अब ऐसे में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर सुमन पंवार ने बसपा से प्रत्याशी के रूप् में मजबूती से चुनाव लड़ा। सरधना से भाजपा का विरोध करते हुए करीब आठ हजार वोट हासिल करना सत्ताधारी पार्टी के लिए बड़ी असफलता सामने आई है।
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