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तस्वीरें देखकर टमेटो सॉस से कर लेंगे तौबा, खतरनाक केमिकल व सड़ी सब्जियां, गंदगी में हो रहा तैयार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 19 Sep 2019 01:27 PM IST
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टमेटो सॉस - फोटो : अमर उजाला
स्ट्रीट फूड हो या फिर ढाबे या रेस्टॉरेंट में मिलने वाले स्नैक्स, सभी के साथ टमेटो सॉस की डिमांड होती है। चाऊमीन, पेटीज और अन्य फास्ट फूड के साथ जिस टमेटो सॉस को हम खा रहे हैं, वह कितना जहरीला है यह आप शायद ही जानते हों। अमर उजाला की टीम ने यूपी के मेरठ जिले में इसकी जांच पड़ताल की तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई जिसे जानकर आप खुद ठेलों, दुकानों और रेस्टॉरेंट में मिलने वाली टमेटो सॉस से तौबा कर लेंगे: -
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टमेटो सॉस - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला की टीम लिसाड़ी गेट के हुमायूं नगर स्थित एक मकान में पहुंची। मकान बाहर से बंद था। इस मकान के आसपास बदबू फैली थी। टीम ने किसी तरह गेट खुलवाया गया तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। बड़े-बड़े प्लास्टिक के कंटेनरों में सड़ी हुई सब्जियां रखीं थीं। एक तरफ बड़े बर्तनों में टमेटो सॉस तैयार किया जा रहा था। इसके साथ ही यहां गंदगी बहुत ज्यादा थी।
 

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टमेटो सॉस - फोटो : अमर उजाला
टीम ने वहां काम कर रहे लोगों से जानकारी ली तो बताया गया कि प्रतिदिन 300 से 400 लीटर सॉस बनाई जाती है और शहर के हर हिस्से में सप्लाई की जाती है। यह सॉस 10 से 12 दिन में सड़ जाती है। इसीलिए सॉस बनाकर जल्दी से सप्लाई कर दी जाती है।

 

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टमेटो सॉस - फोटो : अमर उजाला
इस नकली सॉस बनाने के लिए प्रिजरवेटिव एसिटिक एसिड, सोडियम बेनजोएट, अरारोट आदि का प्रयोग होता है। साथ ही कुछ अन्य केमिकल भी डाले जाते हैं। इसके अलावा नॉन परमिट कलर भी प्रयोग किए जाते हैं जो कपड़े रंगने और ड्राइक्लीन में प्रयोग किए जाते हैं। 

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टमेटो सॉस - फोटो : अमर उजाला
कर्मचारियों ने बताया कि पहले सब्जियों को सड़ा गलाकर पीसा जाता है फिर उसमें लाल रंग मिलाया जाता है। अगर ग्रीन चिली सॉस बनाती है तो उसमें हरा रंग मिला दिया जाता है। इसे उबालकर ठंडा किया जाता है और फिर पैकिंग कर बाजार में बेचने के लिए भेज दिया जाता है।  

 

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टमेटो सॉस - फोटो : अमर उजाला
फास्ट फूड विक्रेताओं के अनुसार, गर्मी में यह सॉस दस दिन और सर्दियों में 14 दिन तक चल जाता है। इसके बाद इसमें भयंकर बदबू आने लगती है। सॉस में नॉन परमिट कलर का प्रयोग होता है। इस रंग को ड्राइक्लीनर या रंगरेज प्रयोग करते हैं। 

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टमेटो सॉस - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस सॉस को खाने के बाद पेट दर्द की शिकायत होना आम बात है। डायरिया, किडनी खराब होने जैसी बीमारी भी पनप सकती है। इसके अलावा कैंसर होने के  आशंका भी बढ़ जाती हैं। 

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टमेटो सॉस - फोटो : अमर उजाला
इस सॉस को बनने की पूरी प्रक्रिया को यदि कोई एक बार देख ले तो वह इसे खाने की हिम्मत बिल्कुल नहीं कर पाएगा। मेरठ के लिसाड़ी गेट के इस्लामाबाद, हुमायूंनगर, बागपत रोड, कंकरखेड़ा सहित शहर के कई इलाकों में सॉस बनाने की अवैध फैक्टरी चल रही हैं। लेकिन खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन जांच कर कार्रवाई करने की बात कहकर मामले को टाल देता है।
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