मेरठ में बारिश थमने के बाद उमस और चुभन भरी गर्मी ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। बदलते मौसम के चलते वायरल बुखार, खांसी, सांस की तकलीफ और त्वचा रोग जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही का कहना है कि नमी की वजह से बैक्टीरिया और वायरस का असर बढ़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि डॉक्टरों को 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है। वहीं, फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा का कहना है कि उच्च आर्द्रता शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में बाधा डालती है, जिससे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीरज राज ने मरीजों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए 20 नर्सिंग स्टाफ को इमरजेंसी में तैनात किया है। सर्जरी वार्ड में कुछ बेड मेडिसिन मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं ताकि एक बेड पर दो मरीज भर्ती न हों।
इसी बीच छात्र नेता विनीत चपराना ने बेड बढ़ाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। जवाब में प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि अगले साल तक मेडिकल कॉलेज में 250 नए बेड जुड़ जाएंगे—100 बेड क्रिटिकल केयर में, 100 बेड ट्रॉमा सेंटर में और 50 बेड इमरजेंसी में। इससे मरीजों की सुविधा और इलाज की व्यवस्था मजबूत होगी।