04:03 PM, 19-Jun-2023
एक ही दिन में बन रहा लर्निंग लाइसेंस
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब स्लॉट का इंतजार खत्म हो गया है। आवेदन करते ही उसी दिन का स्लॉट मिल रहा है। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस का स्लॉट भी एक ही दिन में मिल रहा है। कॉलेज में गाड़ी चलाने की परीक्षा पास करते ही स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस भी बन रहा है। साथ ही चार माह पहले जो स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस चिप की उपलब्धता न होने के कारण फंस गए थे, उनकी खेप भी आनी शुरू हो गई है।
लर्निंग और स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन, स्लॉट और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन परीक्षा होती है, जिसके बाद लाइसेंस जारी किया जाता है। जबकि स्थायी लाइसेंस लर्निंग के एक महीने बाद गाड़ी चलाने की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद ही बनता है। काफी समय से ऑनलाइन आवेदन तो हो रहे थे, लेकिन लाइसेंस परीक्षा के लिए स्लॉट यानी तिथि कई माह बाद की मिल रही थी। इस कारण ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की लंबी लाइन हो गई।
इतना ही नहीं जिन लोगों ने लाइसेंस के लिए आवेदन के बाद गाड़ी चलाने की परीक्षा भी दी उनके स्थायी ड्राइविंग लाइसेंसों की खेप रुक गई। इसका कारण यूक्रेन युद्ध के कारण चिप की उपलब्धता नहीं होना था। अब लर्निंग और स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस की व्यवस्था पटरी पर लौट आई है। एक सप्ताह से लाइसेंस के लिए आवेदन करने पर तुरंत स्लॉट भी मिल रहा है और उसी दिन परीक्षा में पास होने वाले का लाइसेंस भी जारी किया जा रहा है। यहीं नहीं आवेदन करते समय अगर आधारकार्ड की वेरिफिकेशन से आवेदन किया जाता है तो सारा डाटा आधार का ही लिया जाता है। इसके लिए आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाता है।
आरटीओ विभाग के आरआई राहुल शर्मा का कहना है कि लर्निंग और स्थायी लाइसेंस बनवाने के लिए रोज 200 से 250 लोग आते हैं। जो परीक्षा में पास हो रहे हैं, उनको तत्काल लाइसेंस जारी किया जा रहा है। अब स्लॉट की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है।