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UP: मेडिकल कॉलेज का हाल, दर्द से कराह रहे मरीज, पर सुनने वाला को नहीं, लापरवाही की हदें हो रहीं पार

Fri, 24 Feb 2023 03:17 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

Meerut News : मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर से बड़ी लापरवाही सामने आई है। कई वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिनमें मरीज इलाज के लिए कराह रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में लापरवाही। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में इलाज में लापरवाही के सात वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें मरीज अपनी व्यथा सुनाते हुए कह रहे हैं कि यहां न चिकित्सक और न स्टाफ सुध लेता है। कराहते रहते हैं, कोई सुनता नहीं। एक महिला तो दर्द में तड़प रही है, लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

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पहले वीडियो में एक महिला के पैर में इंफेक्शन है और वह तीमारदार के कंधे पर सिर रखकर कराह रही है। तीमारदार कह रही है कि यहां कोई सुनने वाला नहीं है। दूसरे वीडियो में एक युवक अपना नाम जॉनी बताते हुए कह रहा है कि दुर्घटना में पैर में चोट लगी थी। चार ऑपरेशन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक पैर ठीक नहीं हुआ है। बहुत परेशान हूं। 

वहीं तीसरे वीडियो में रिजवाना नाम की महिला कह रही है कि उनकी बच्ची के पैर में चोट है, लेकिन यहां बेहतर उपचार नहीं मिल रहा है। चिकित्सकों और स्टाफ से कहते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।

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चौथा वीडियो चार साल की बच्ची पलक और उसकी मां का है। मरीज के हाथ में फ्रैक्चर है। उनका कहना है कि सही उपचार नहीं मिल रहा है। हाथ का ऑपरेशन कराया, मगर वह सफल नहीं हुआ। बहुत परेशान हैं। पांचवे वीडियो में साकिब नामक युवक कह रहा है कि उसे बेहतर उपचार नहीं मिल रहा है। उसके पैर में चोट है। पस बना हुआ है। 

वहीं छठा वीडियो बच्चे अरहम का है, जिसमें उसकी माता बता रही हैं कि पैर का दो बार ऑपरेशन हो चुका है, मगर सही इलाज न होने के कारण वह ठीक नहीं हो रहा है। 7वां वीडियो अशोक कुमार का है, जिसमें उनके तीमारदार कह रहे हैं कि मरीज ठीक नहीं हो रहा है, काफी समय से भर्ती हैं, इलाज सही नहीं हो रहा है।

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उधर, मेडिकल कॉलेज के स्टाफ का कहना है कि यह सभी वीडियो फरवरी माह के ही हैं। वीडियो वार्ड नंबर तीन और चार हड्डी रोग विभाग ग्राउंड फ्लोर और वार्ड नंबर 23 और 24 सेकंड फ्लोर पुरानी मेन बिल्डिंग के हैं।

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वीडियो में कही गई बातों की जांच कराई जाएगी। अगर कोई इलाज में लापरवाही कर रहा है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। सभी को हिदायत दी गई है कि बेहतर उपचार दिया जाए। - डॉ. ज्ञानेश्वर टांक, कार्यवाहक प्राचार्य और हड्डी रोग विभागाध्यक्ष
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