अंशु चौधरी ने बताया कि उनके पति की एक आंख खराब है और वह गाड़ी नहीं चला सकते। गाड़ी ड्राइवर चला रहे थे। पुलिस ने उनसे कई घंटे पूछताछ की। फॉरर्च्यूनर और थार गाड़ी उन्होंने खुद ही पुलिस को सौंपी। इसके बावजूद पुलिस ने प्रिंस को नामजद करके इनाम घोषित कर उनकी छवि धूमिल कर दी। एसपी देहात अनिरूद्ध सिंह ने जांच करने का आश्वासन दिया है। शाम पांच बजे परिवार यहां से लौट गया।
घर पर ताला लगाकर चले जाओ... हम दबिश देने आ रहे हैं
प्रिंस की मां सत्यवती ने परीक्षितगढ़ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस वालों ने फोन कर उनसे कहा कि तुम लोग घर पर ताला लगाकर चले जाओ, हम दबिश देने आ रहे हैं। दो-तीन दिन में मामला ठंडा हो जाएगा। बैठकर समझौता करा देंगे, घबराने की जरूरत नहीं है। पुलिस लगातार उनके संपर्क में थी। इसके बावजूद इनाम और घर पर मुनादी कराई गई।
पत्नी अंशु ने कहा कि पुलिस किसके कहने पर ऐसा कर रही है, यह बात उनकी समझ से परे है। बड़े अपराधियों पर तो पुलिस इनाम नहीं करती, लेकिन सड़क हादसे के मामले में तुरंत इनाम कर दिया।
दिनभर भटकते रहे परिवार के लोग
प्रिंस की मां और पत्नी धरने पर बैठी रहीं, जबकि परिवार के अन्य लोग कभी आईजी तो कभी एडीजी मेरठ जोन कार्यालय में अधिकारियों से मुलाकात करने के लिए भटकते रहे। दिनभर यह सिलसिला चलता रहा।
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लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण दो युवकों की मौत हुई है। मामला गंभीर है। इसके चलते मुकदमा दर्ज हुआ और नामजद आरोपी पर 25 हजार का इनाम किया गया। आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ तो कोर्ट से कुर्की वारंट लेकर संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई भी करेंगे।
- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी