बोर्ड बैठक के बाद प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडे ने बताया कि करीब तीन साल बाद आखिरकार सैद्धांतिक मंजूरी बोर्ड ने दे दी है। उन्होंने बताया कि निवेश के लिहाज से करीब 2000 करोड रुपए के प्रस्ताव जमीन पर उतरेंगे।
उपाध्यक्ष ने बताया कि इन्वेस्टर समिति के तहत करीब 500 एमओयू साइन किए गए थे, जिनमे जमीन विस्तारीकरण संभव है। इन्हें महायोजना में चिह्नित किया गया है। इसके अलावा निर्मित क्षेत्र में प्रभाव शुल्क नहीं लिया जाएगा। बोर्ड बैठक में से मंजूरी दे दी गई है।
सरधना, लावड़, बहसूमा, हस्तिनापुर नगर पंचायतों को जोड़ने वाली 36 मीटर सड़क को 45 मीटर करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया। बोर्ड बैठक में नगरीय कृषि भूमि को भी समाप्त करने का प्लान लिया गया।