उन्होंने बताया कि संगठनात्मक परिवर्तन के तहत मानव संसाधन प्रबंधन, प्रक्रिया प्रवाह अभियांत्रिकी एवं मानकीकरण तथा तकनीकी क्षमता इन तीन बिंदुओं में बदलाव किया गया है। उपाध्यक्ष ने बताया कि 31 दिसंबर तक आम जनमानस के मस्तिष्क में शून्य भ्रष्टाचार संस्थान के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
नामांतरण की प्रक्रिया भी ऑनलाइन है। बिना कारण आवंटी को कार्यालय बुलाए जाने पर कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यह भी कहा कि भ्रष्टाचार में कोई कर्मचारी लिप्त पाया जाता है तो वह स्वयं उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
कार्यभार ग्रहण न करने पर होगी एफआईआर
उपाध्यक्ष अभिषेक पांडे ने ऑफिशियल पत्र जारी करते हुए कर्मचारियों से तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए हैं। हिदायत भी दी गई है कि यदि कोई कर्मचारी कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मेडा में प्रवर्तन अनुभाग, संपत्ति, अभियंत्रण, नियोजन, विधि, वित्त एवं लेखानुभाग, विविध और प्रौद्योगिकी अनुभाग हैं। उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रवर्तन और संपत्ति में कर्मचारियों की सबसे ज्यादा शिकायतें मिली थीं। इन विभागों के अधिकतर कर्मचारी हटाकर अन्य विभागों से स्वच्छ छवि वाले कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
अफसरों ने सुनीं समस्याएं
मेडा में सोमवार से पांच दिवसीय जन शिकायत निस्तारण शिविर लगाया गया। प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि शताब्दी नगर में कब्जा न मिलने और एयरपोर्ट एंक्लेव के समायोजन के कई मामले आए। उन्होंने बताया कि 5 दिन तक सभी अनुभाग के प्रभारी और वह स्वयं समस्याएं सुनेंगे। सचिव चंद्रपाल तिवारी, नगर नियोजक विजय कुमार सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता वीके सोनकर आदि मौजूद रहे।