खरखौदा थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी को सूचना दे दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी देखी जा रही है। वहीं देर रात सीएमओ अखिलेश मोहन अस्पताल पहुंचे और बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि बच्ची स्वस्थ है।
बच्ची को गोद लेने वालों का लगा तांता
एक तरफ जहां किसी परिवार ने बच्ची को मरने के लिए फेंक दिया, वहीं ऐसे लोग भी बड़ी संख्या में बच्ची को लेने पहुंच गए, जिनके बच्चे नहीं हैं। पुलिस चौकी पर पहुंचे ये लोग बच्ची को गोद लेने की इच्छा जता रहे थे। हर किसी की जुबां से बस एक ही शब्द निकल रहा था कि कोई एक मासूम बच्ची के साथ ऐसा कैसे कर सकता है।
एक साल में चाइल्ड लाइन को मिलीं पांच लावारिस बेटियां
लोहियानगर में कूड़े के ढेर में बच्ची को पहली बार नहीं फेंका गया है। इससे पहले भी कई बार बच्ची को फेंका जा चुका है। एक साल में मेरठ में पांच बच्ची चाइल्ड लाइन को मिली हैं, जिनकी उम्र एक साल से कम है। दस बच्चियां ऐसी हैं जिनकी उम्र एक साल से अधिक है।
चाइल्ड लाइन बच्ची के मां-बाप को तलाशने का प्रयास करते हैं। समाज में इस तरह के मां-बाप हैं जो बेटी होने का दर्द इस रूप में बयान कर देते है। चाइल्ड लाइन की निदेशिका अनीता राणा ने बताया कि बच्ची चिकित्सकों की निगरानी में है। लावारिश मिले बच्चों की पूरी देखभाल की जाती है।