दिसंबर 2021 में फर्नीचर की डिलीवरी होनी थी, लेकिन डिलीवरी नहीं मिली। कंपनी मालिक ने बताया कि कोरोना के कारण फर्नीचर तैयार नहीं हो सका। पूरा ऑर्डर तैयार कराने के लिए पहले फरवरी 2022 और फिर अप्रैल माह तक का समय ले लिया। फिर भी फर्नीचर नहीं मिला।
सितंबर 2022 में ब्रिटेन में प्रदर्शनी लगाने के लिए महिला ने वेयर हाउस भी बुक कर लिया। उस समय भी पूरा ऑर्डर नहीं मिलता देख महिला ने कहा कि जो भी फर्नीचर तैयार है वह भिजवा दीजिए। हालांकि फर्नीचर लेने से पहले महिला ने दो अलग-अलग कंपनियों से फर्नीचर के मानकों की जांच कराई, जिसमें वह फेल मिले। इस पर महिला ने वह फर्नीचर लेने से मना कर दिया।
आरोप है कि कंपनी मालिक ने यह तक कह दिया कि इंडिया में इसी क्वालिटी के फर्नीचर मिलते हैं। पीड़िता के अनुसार, फर्नीचर के नाम पर सात लाख रुपये ठगे गए। इसके लिए प्रदर्शनी नहीं लगने पर भी नुकसान उठाना पड़ा।
महिला और कंपनी मालिक के बीच 2017 में भी डील हुई थी, जो समय पर मिल गई थी। इसके बाद महिला ने 2021 में दूसरा ऑर्डर दिया, जो उसे नहीं मिला। ई-मेल के माध्यम से शिकायत आई थी। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। - रामफल सिंह, थाना प्रभारी परतापुर