शहर के 90 वार्डो में गृहकर निर्धारित करने के लिए पिछले पांच साल से जीआईएस सर्वे चल रहा है। सर्वे कर रही कंपनी ने 42 वार्डो की सर्वे रिपोर्ट निगम को सौंपी थी। आपत्ति और दावों के शिकायती पत्र मिलने के बाद नगर निगम ने 12 वार्डो का भौतिक सत्यापन कराया है।
ब्रह्मपुरी, कंकरखेड़ा, लिसाड़ीगेट, देहलीगेट और शास्त्रीनगर में बकाएदारों के घरों को चिह्नित कराया है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि 12 वार्डो में 20 हजार परिवारों को नोटिस जारी किया है, जिनसे नए दरों पर गृहकर वसूलना है।
पहले नोटिस की समयसीमा 20 दिन निर्धारित की गई है। दूसरी बार नोटिस जारी करने की स्थिति आई तो वह 10 दिन के लिए होगा। यह अंतिम नोटिस होगा। इसके बावजूद गृहकर जमा नहीं किया गया तो नगर निगम कार्रवाई करेगा। निगम अधिनियम के तहत बकायेदारों के घरों पर सील लगाने की कार्रवाई होगी।
बड़े बकायेदारों से भी वसूली करे निगम
गृहकर से संबंधित नगर निगम ने चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय सहित 22 बड़े बकाएदारों को भी नोटिस दिया था। जिस पर निगम द्वारा गृहकर पर आपत्ति लगी थी। कोतवाली क्षेत्र में 12 दुकानों पर निगम की टीम ने सील लगाई थी। यहां सत्ताधारी नेताओं के हस्तक्षेप पर सीलिंग के दो घंटे बाद ही निगम की टीम दोबारा वहां पहुंची और सील खोलकर वापस लौट गई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि बड़े बकाएदारों से नगर निगम आखिर कब और कैसे गृहकर वसूलेगा।