कोर्ट से जारी एनबीडब्ल्यू वारंट पर गिरफ्तारी का खौफ दिखाकर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए सिपाही को पुलिस चौकी से एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। चितमाना शेरपुर पुलिस चौकी से उठाकर उसे भावनपुर थाने ले जाकर पूछताछ की। इसके बाद सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए भावनपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के सौदत्त गांव निवासी भाई मुजीब व रहीस की वर्ष 2012 में किसी बात को लेकर मारपीट हो गई थी। जिसका मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट में तारीख में न जाने पर मुजीब व रहीस के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए। चितमाना शेरपुर चौकी पर तैनात सिपाही फूल सिंह 23 दिसंबर को मुजीब के घर पहुंचा और गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी।
मुजीब ने इतने रुपये देने में असमर्थता जाहिर की। बाद में 10 हजार रुपये पर सहमति बनी। मुजीब ने रुपये का इंतजाम करने के लिए कुछ दिन का समय मांगा। इसके बाद शिकायत एंटी करप्शन कार्यालय में कर दी। इंस्पेक्टर बब्बन खां के नेतृत्व में टीम सिपाही की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। सिपाही फूल सिंह ने मुजीब को रुपये लेकर पुलिस चौकी पर बुला लिया। एंटी करप्शन टीम चितमाना चौकी से कुछ दूरी पर इंतजार करने लगी। मुजीब ने सिपाही को रिश्वत के रुपये देने लगा तभी एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया।
इसके बाद उसे और शिकायतकर्ता को भावनुपर थाने में ले गई। वहां काफी देर तक दोनों से पूछताछ की। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर ने बताया कि शिकायत पर सिपाही को पकड़ने के लिए 11 सदस्यीय टीम लगी थी। आरोपी ने जैसे ही शिकायतकर्ता से रुपये लिए उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। उसे भावनपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया। भावनपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।