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UP: ग्रामीणों के लिए सामुदायिक शौचालय बनाए, बनते ही ताले लटकाए, फिर भी प्रतिमाह खर्च हो रहे 9 हजार रुपये

Tue, 02 Aug 2022 11:46 AM IST
Dimple Sirohi अनुज कुमार, अमर उजाला संवाद, मेरठ
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community toilets - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ के सरूरपुर विकास खंड सरूरपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में बनाए गए सामुदायिक शौचालयों का उपयोग भले ही ग्रामीण नहीं कर पा रहे हों, लेकिन कागजी कोहरम पूरा कर सभी को संचालित दिखाया जा रहा है। उनमें लगे सबमर्सिबल पंप भी पानी उगल रहे हैं। हकीकत यह है कि किसी भी ग्राम पंचायत में शौचालयों में बिजली के कनेक्शन नहीं लिए गए हैं।  

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केंद्र व प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था। मानचित्र से तैयार हुए सामुदायिक शौचालय में सात से आठ लाख तक की लागत आई है। मॉडल के अनुसार शौचालय में आठ सीट, चार बाथरूम और यूरिन के लिए अलग से पोर्ट लगाए जाने का प्रावधान किया गया था। जिन ग्राम पंचायत में जगह की कमी थी, उनमें चार सीट और एक बाथरूम बना है। कुछ शौचालयों को छोड़ दे तो बाकी पर निर्माण के बाद से ताले लटके हुए हैं। प्रत्येक शौचालय के रखरखाव के पर प्रतिमाह 9 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सबमर्सिबल के नाम पर मोटी रकम निकली गई। लेकिन ज्यादातर सामुदायिक शौचालयों पर सरकारी नलों के बोरिंग में ही पाइप डाल दी गई।

 

community toilets - फोटो : अमर उजाला
कई गांवों में चल रहे कटिया कनेक्शन
कई ग्राम पंचायतों में बिजली का वैध कनेक्शन लेने की जगह कटिया कनेक्शन डाल लिए गए हैं। क्षेत्र के डाहर, सरूरपुर, भूनी, कक्केपुर, पथौली, रतौली, मेहरमती गणेशपुर, जसड़ सुल्तान नगर, गोटक्रा, मैनापूठी, जैनपुर ग्राम पंचायत के सामुदायिक शौचालय के लिए बिजली के लिए कनेक्शन नहीं लिए गए हैं। कई ग्राम पंचायत में कटिया डालकर शौचालय के कनेक्शन से तार जोड़ लिए गए हैं। बिजली चोरी पकड़ी न जाए, इसके लिए केबल जमीन के अंदर डालकर लाई गई है।

 

community toilets - फोटो : अमर उजाला
ढाई करोड़ रुपये के करीब बजट निर्माण में हुआ खर्च
ब्लॉक क्षेत्र की 27 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए करीब ढाई करोड़ रुपयों का बजट खर्च किया गया। साफ-सफाई के लिए स्वयं सहायता समूह से रखे गए केयरटेकर घर बैठे ही नौ हजार रुपये प्रतिमाह डकार रहे हैं। देखरेख के अभाव में कई शौचालयों की स्थिति खराब होने लगी है।

 

अधूरा शौचालय। - फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
कुछ ग्राम पंचायतों ने कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किए हैं। केयर टेकर प्रतिदिन शौचालय सुबह-शाम खोल रहे हैं या नहीं, दिखवाया जाएगा। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -राजेंद्र प्रसाद, खंड विकास अधिकारी, सरूरपुर खुर्द
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community toilets - फोटो : अमर उजाला
शौचालयों पर चोरी से बिजली चलाई जा रही है तो गलत है। मैं खुद चेकिंग करने के लिए जाऊंगा। चोरी मिलने पर संबंधित पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान पर बिजली चोरी का अभियोग पंजीकृत कराया जाएगा। -कुमार अनिकेत, उपखंड अधिकारी, सरधना
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