मेरठ : पूर्व प्रधानाध्यापिका के प्रमाणपत्र फर्जी, एफआईआर दर्ज कराने के दिए आदेश
खरखौदा। क्षेत्र के गांव धीरखेड़ा के प्राथमिक विद्यालय में पूर्व में तैनात प्रधान अध्यापिका के प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने थाना खरखौदा में तहरीर दी है।
हापुड़ के मेरठ रोड स्थित सर्वोदय कॉलोनी निवासी सुषमा रानी काफी लंबे समय से खरखौदा क्षेत्र के गांव धीरखेड़ा में प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात थी। 2021 में बीमारी का बहाना लेकर उक्त पूर्व प्रधानाध्यापिका ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। सेवानिवृत्ति के दौरान तत्कालीन प्रधानाध्यापक के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतम बुद्धनगर के कार्यालय से जांच के लिए सभी शैक्षिक प्रमाणपत्रों की मांग की गई। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी मिले। इसके बाद विभाग से उन्हें नोटिस जारी किया, जिसका अब तक उत्तर नहीं मिला। बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतम बुद्ध नगर के कार्यालय से खंड शिक्षा अधिकारी खरखौदा को सुषमा रानी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। शुक्रवार को खंड शिक्षा अधिकारी जेपी सिंह ने थाना खरखौदा में तहरीर दी।
दर्ज कराई जा रही एफआईआर
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर और मेरठ के धीरखेड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर के पद पर एक ही नाम की सुषमा रानी तैनात थी। दोनों ही शिक्षिकाओं की जांच की गई। धीरखेड़ा में तैनात शिक्षिका के प्रमाणपत्र जांच में सही नहीं पाए गए। शिक्षिका के सभी देय यानी पेंशन आदि पर रोक लगा दी गई। अब उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।