सूचना मिलने पर उसके परिजन 8 बजे ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोग राहुल को उपचार के लिए ले जाने लगे तो उसी बीच चौकी इंचार्ज विजेंद्र सिंह भी वहां पर आ गए। परिवार के लोगों ने जब चौकी इंचार्ज से देरी पर आने की नाराजगी जताई, तो चौकी इंचार्ज ने तपाक से बोल दिया कि गोवंश से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसमे पुलिस क्या कर सकती है। इन गोवशों को पकड़ने का काम पुलिस का नहीं है। जिन लोगों ने छोड़ें है, या तो वे पकड़ें या सरकार पकड़ने की व्यवस्था करे। पुलिस को बहुत काम हैं। इस तरह से दुर्घटनाएं आए दिन होती रहेंगी। पुलिस इन्हें नहीं रोक पाएगी। चौकी इंचार्ज विजेंद्र सिंह की यह टिपणी सुन ग्रामीण आक्रोशित होकर भड़क उठे।
गामीणों ने शव को सड़क के बीचों-बीच रखकर मेरठ-बड़ौत मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और आक्रोशित ग्रामीण चौकी इचार्ज पर भड़क गए और उसे भी दौड़ा लिया। बमुश्किल थाना प्रभारी रामकुमार कुंतल ने बीच बचाव कराया और जाम लगा रहे आक्रोशित ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी एक नही सुनी और अधिकारियों को बुलाकर चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई करने, अज्ञात वाहन को पकड़ने व 20 लाख रुपए मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़ गए।
कुछ देर बाद सपा नेता जिला पंचायत सदस्य सम्राट मालिक मौके पर पहुंचे और मृतक के परिवार को 20 लाख रुपए मुआवजा, अज्ञात वाहन को पकड़ने व पूठ चौकी इंचार्ज को तत्काल निलंबित करने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद सीओ सरधना ओपी शाही भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कर शव को पोस्टमार्टम को भिजवाने का प्रयास किया।
लेकिन ग्रामीण डीएम व एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए और हंगामा किसर। मौके पर सिवाल खास विधायक गुलाम मोहहमद भी पहुच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने के प्रयास किया। हालांकि अधिकारियों के चौकी इंचार्ज को हटाने का आश्वासन दिया जिस पर लोगों ने धरना समाप्त कर जाम खोला।