मेरठ। जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित वेदांत आश्रम में शुभम करोति फाउंडेशन की ओर से गीता जयंती महोत्सव हुआ। इसमें महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने कहा कि शुद्ध अंतःकरण से ही परम शुद्ध परमात्मा का पूजन हो सकता है। ध्यान से हमारी चेतना जागृत होती है। प्राण और मन का संबंध बनता है। मन विक्षिप्त हो श्वास तीव्र हो जाती है। इसके लिए योग साधक को मन शांत रखने हुए सभी भय से दूर होकर ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करना चाहिए। कथा में सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुनील कुमार ने दीप प्रज्ज्वलन किया। व्यास पूजन हितेश त्यागी और बीडी पांडेय ने किया। इस अवसर पर वीना, शौर्य शर्मा, राजीव शर्मा, प्रियांक सिंघल रहे। संवाद