मेरठ। लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज में गंभीर बीमारी विल्सन से ग्रसित मरीज की जान बचाई। 38 साल युवक इंचौली के रहने वाले हैं। इलाज के बाद अब पहले स्वस्थ हैं। मेडिसिन विभाग के आचार्य डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि विल्सन रोग बच्चों से लेकर वयस्क तथा बूढ़ों तक को प्रभावित करती है। यह दुर्लभ आनुवांशिक विकार है, जिसमें लीवर और मस्तिष्क में सामान्य मात्रा से ज्यादा मात्रा में तांबा, कॉपर जमा हो जाता है। इस बीमारी में लिवर, मस्तिष्क, तंत्रिका तंत्र, गुर्दे व न्यूरोमस्कुलर सिस्टम प्रभावित होते हैं और इसी से संबंधित लक्षण मिलते हैं। यह रोग 30 हजार लोगों में से किसी एक में पाया जाता है। ज्यादातर मामलों में यह आनुवांशिक रूप से होता है। इसके लक्षणों में आंख के कॉर्निया के चारों भूरे रंग का छल्ला होता है, जिसे केवल आंखों की जांच के माध्यम से देखा जा सकता है।