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Meerut: व्यापारी नेता की अवैध काॅलोनी को मेडा ने कराया ध्वस्त, जमकर हंगामा

Mon, 02 Sep 2024 04:13 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ विकास प्राधिकरण ने आज सुबह शहर की एक अवैध काॅलोनी को ध्वस्त कर दिया। टीम ने भारी विरोध प्रदर्शन के बावजूद ये कार्रवाई कराई। इस दाैरान व्यापारियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
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मेरठ मे मेडा की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के प्रवर्तन दल ने सोमवार सुबह शहर के कंकरखेड़ा क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही व्यापारी की कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान काफी संख्या में इकट्ठा हुए व्यापारियों ने विरोध किया, लेकिन भारी संख्या में पुलिस बल और प्रवर्तन दल की टीम के आगे उनकी एक न चली। इससे पहले भी तीन महीने पहले ध्वस्तीकरण का विरोध होने के कारण बीच में ही कार्रवाई रुक गई थी। 

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मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के प्रवर्तन दल ने सोमवार सुबह शहर के कंकरखेड़ा क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही व्यापारी की कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान काफी संख्या में इकट्ठा हुए व्यापारियों ने विरोध किया, लेकिन भारी संख्या में पुलिस बल और प्रवर्तन दल की टीम के आगे उनकी एक न चली। इससे पहले भी तीन महीने पहले ध्वस्तीकरण का विरोध होने के कारण बीच में ही कार्रवाई रुक गई थी। 

मेरठ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दल द्वारा सोमवार सुबह अभियान चलाकर अवैध कालोनियों तथा अवैध निर्माण के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई। 

 

सरधना रोड पर कंकरखेड़ा व्यापार संघ के अध्यक्ष तथा संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष नीरज मित्तल, व्यापारी नेता अखिलेश गोयल तथा अब्दुल रहमान द्वारा 15 हजार वर्ग मीटर में विकसित की जा रही अवैध कालोनी को ध्वस्त किया गया। 

इसके अतिरिक्त सरधना रोड पर ही आदेश फौजी द्वारा छह हजार वर्ग मीटर में ध्वस्त की जा रही अवैध कॉलोनी को भी ध्वस्त किया गया। 
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तीन महीने पहले भी हुआ था विरोध, रोक दी थी कार्रवाई
प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि पूर्व में ध्वस्तीकरण अभियान को विफल करने के उद्देश्य से अवैध कालोनी माफिया द्वारा ध्वस्तीकरण हेतु प्रस्तावित स्थल पर सामाजिक आयोजन, कार्यक्रम आयोजित कर इन कार्यक्रमों की आड़ में भीड़ इकठ्ठा की जाती थी, जिससे की प्रभावी ध्वस्तीकरण नहीं हो पाता था। 

उन्होंने बताया कि प्रवर्तन दल की रणनीतिक कुशलता के कारण सोमवार सुबह से ही टीमें उतरकर दोनों स्थलों पर प्रभावी ध्वस्तीकरण संभव हो सका। तीन महीने पहले ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारियों ने जबरदस्त विरोध किया था प्राधिकरण उपाध्यक्ष का दफ्तर में ही घंटों घेराव भी किया था जिसके बाद कार्रवाई टल गई थी।

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