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Meerut News: महापौर बोले- गृहकर के नोटिस भेजना तुरंत बंद करे नगर निगम

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मेरठ। जीआइएस सर्वे के आधार गृहकर के नोटिस भेजने पर पार्षद और स्थानीय लोग नाराज हैं। जिस पर महापौर ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि गृहकर के नोटिस भेजना तुरंत बंद करें। जल्द ही निगम की बोर्ड बैठक होगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
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इसके बावजूद भी निगम द्वारा गृहकर के नोटिस भेजने का सिलसिला जारी रहा। बताया गया है कि ऑनलाइन गृहकर के नोटिस शासन के आदेश पर भेजे जा रहे हैं। जिसको लेकर नगर निगम और पार्षद आमने-सामने आ सकते हैं। महानगर के 90 वार्डों का जीआइएस सर्वे होने के बाद निगम ने गृहकर बढ़ा दिया। जिसको लेकर पार्षदों में नाराजगी है।
18 जुलाई को निगम की बोर्ड बैठक में गृहकर को लेकर बखेड़ा हो सकता था, इसकी जानकारी लगने के बाद निगम अधिकारियों ने मैनेजमेंट कर बैठक ढाई मिनट में निपटा ली। अब नगर निगम ने जीआइएस सर्वे के आधार पर गृहकर के नोटिस भवन स्वामियों को भेजना शुरू कर दिए हैं। जिसकी रोजाना शिकायत महापौर व पार्षदों के पास जा रही है।
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महापौर ने बृहस्पतिवार को निगम में पहुंचकर अपने कार्यालय में अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को बुला लिया। नोटिस भेजने पर रोक लगाने की बात कही। अधिकारियों ने गोलमोल जवाब दिया और नोटिस भेजने की प्रक्रिया जारी रखी। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि निगम की बोर्ड बैठक 15 दिन में करूंगा, जिसमें पार्षदों द्वारा चर्चा होनी है। उसके बाद गृहकर में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पहले नये भवन पर गृहकर लगाए
जीआइएस सर्वे में 2.26 लाख नये भवन आए हैं, जोकि गृहकर नहीं देते हैं। महापौर ने निगम अधिकारियों से कहा कि पहले नए भवन पर गृहकर वसूला जाएगा। 100 फीसदी स्वकर प्रणाली लागू करें। जिस पर अधिकारियों ने कहा कि स्वकर प्रणाली लागू कर दी है। नोटिस पर भवन का फोटो भी है, ताकि भवन स्वामी को पता चल जाए कि जीआइएस सर्वे सही हुआ है। आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, जिसका निस्तारण कराया जाएगा। गृहकर को लेकर एक घंटे तक महापौर और अधिकारियों के बीच बातचीत हुई है।
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