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Meerut: अमर उजाला की साइबर अपराध पर कार्यशाला में एडीजी ने दिए कई सुझाव, बोले- लालच न करें, रहें सतर्क

Mon, 26 Dec 2022 10:14 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ में सोमवार को अमर उजाला की ओर से भैंसाली बस अड्डे के सामने चेंबर ऑफ कॉमर्स में साइबर अपराध पर हुई कार्यशाला में मुख्य अतिथि एडीजी ने ऐसे कई सुझाव दिए।
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अमर उजाला की साइबर अपराध पर कार्यशाला - फोटो : अमर उजाला
एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल ने कहा कि यदि हम जागरूक रहें, लालच में न आएं और डरने की बजाय सावधानियां बरतें तो साइबर अपराधी न तो ठग सकेंगे और न ही निजता को प्रभावित कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि बैंक वाले पासवर्ड या फिर खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी नहीं पूछते हैं। विद्युत निगम के कर्मचारी अचानक रात में कनेक्शन नहीं काटते हैं। बिना डाले लॉटरी नहीं निकलती है और बेवजह पैसा आपके खाते में नहीं आ सकता है। सरकार का आपके खाते पर स्ट्रांग लॉक लगा है। इसलिए आपकी लापरवाही और अनदेखी ही साइबर अपराधियों को मौका देती है।

सोमवार को अमर उजाला की ओर से भैसाली बस अड्डे के सामने चेंबर ऑफ कॉमर्स में साइबर अपराध पर हुई कार्यशाला में मुख्य अतिथि एडीजी ने ऐसे कई सुझाव दिए। मंच पर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंस्डस्ट्री के अध्यक्ष विजेंद्र अग्रवाल, महामंत्री विपिन अग्रवाल, उपाध्यक्ष अरुण कुमार अग्रवाल और राकेश रस्तौगी मौजूद रहे। अध्यक्ष विजेंद्र अग्रवाल ने बिजली का कनेक्शन काटने, वीडियो कॉल या अन्य अलग-अलग तरीके से ठगी होने के बारे में बताया।
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अमर उजाला की साइबर अपराध पर कार्यशाला - फोटो : अमर उजाला
संचालन कर रहे साइबर एक्सपर्ट इंस्पेक्टर सचिन सिंह ने बताया कि देशभर में साइबर अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 साल में बच्चों और किशोरों में ऐसे अपराध 4 फीसदी बढ़े हैं। वीआईपी लोगों को वीडियो कॉल कर ठगा जा रहा है। इसलिए अपने सोशल एकाउंट्स के पासवर्ड बदलते रहें। इनके बाद एडीजी ने कार्यशाला में आए लोगों को साइबर अपराध के बारे में करीब एक घंटे तक जरूरी जानकारियां दीं। कई सवालों के जवाब भी दिए।

एडीजी ने बताया कि पेंशनर्स व वरिष्ठ नागरिक ठगी के शिकार ज्यादा हो रहे हैं। उन्हें डर और लालच देकर ठगा जा रहा है। आपके बैंक खाते की जानकारी कब, कैसे जुटा लेते हैं, इसका आपको पता रहता है। आप जागरूक नहीं है तो खुद बैंक खाते की चाबी साइबर अपराधी को दे देते हैं। साइबर अपराधी अलग-अलग तरीके से आपके मोबाइल पर कॉल करते हैं। बैंक अधिकारी, इंश्योरेंस अधिकारी, बिजली विभाग का कर्मचारी या अन्य विभाग अधिकारी कॉल और मेसैज करते हैं। लिंक भेजकर भी ठगा जा रहा है।
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साइबर अपराध पर कार्यशाला में बोलते एडीजी - फोटो : अमर उजाला
एटीएम से जुड़ी जानकारी न दें
एडीजी ने बताया कि अपने एटीएम कार्ड का नंबर, वैधता तिथि और कार्ड के पीछे लिखा सीवीवी नंबर बिलकुल न बताएं। एटीएम बूथ में प्रवेश के बाद किसी भी अनजान व्यक्ति की मदद न लें। पिन डालते समय सावधानी बरते ताकि आपका पिन नंबर गोपनीय ही रहें। एटीएम स्वैप करने से पहले एटीएम स्लाट को चेक कर लें, ताकि कोई डिवाइस या स्कीमर न लगा हो।

गूगल से हेल्पलाइन नंबर न लें
बैंक, कंपनी या किसी भी विभाग की जानकारी लेने के लिए ऑनलाइन हेल्प लाइन नंबर संबंधित विभाग से वर्चुअल ही लें। गूगल से लिया हेल्पलाइन नंबर साइबर ठगों का हो सकता है। खाते से संबंधित जानकारी लेने पर आपकी गोपनीय सूचना चुराई जाती है। इंस्टाग्राम, फेसबुक पर अपने जानकारी न दें। कोई भी सामान खरीदते समय एटीएम स्वैप अपने सामने कराएं।

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साइबर अपराध पर कार्यशाला में बोलते एडीजी - फोटो : अमर उजाला
लॉटरी, लोन, नौकरी के नाम पर झांसे में न आएं
लॉटरी लगवाने, नौकरी और लोन दिलाने के झांसे में आकर ठगी से बचें और गोपनीय जानकारी किसी को शेयर न करें।

जरूरत पड़ने पर यहां लें मदद
अगर साइबर ठगी या ऐसे अन्य अपराध के शिकार हो जाएं तो तुरंत संबंधित थाने या हेल्पलाइन नंबर 7839855538 और 1930 नंबर पर कॉल करें। इसके साथ ही www.cybercrime.gov.in पर सूचना दें। फेसबुक, इंस्टाग्राम पर गोपनीय जानकारी तो शेयर न करें। पासवर्ड बदलते रहें। कोई जानकारी लेनी है तो संबंधित विभाग से वर्चुअल लें, ऑनलाइन से जानकारी लेने से बचें। कोई जानकारी शेयर करने से पहले धैर्य रखें और सोच लें कि आप किससे बात कर रहे हैं।
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साइबर अपराध पर कार्यशाला में शामिल लोग - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
चैंबर अध्यक्ष विजेंद्र अग्रवाल, महामंत्री विपिन कुमार अग्रवाल, संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता, अश्वनी गुप्ता, डॉ. सुबोध गर्ग, राकेश रस्तौगी, अरुण कुमार, शुभेंद्र मित्तल, सुधीर रस्तौगी, नरेंद्र सिंह करनेल, विनेश जैन, सर्वेश सराफ, अंकित गुप्ता, सुधांशु जी महाराज, इंजीनीयर आलोक गौतम, सतीश चंद्र जैन, राजीव अग्रवला, मनोज गुप्ता, अंकुर गोयल, अमित बंसल, विपुल सिंघल, पंकज मित्तल, सुनील जैन, रवि प्रकाश गर्ग, हसीन अहमद सैफी, ममता श्रीवास्तव, पूनम जैन आदि रहे।
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Meerut crime news - फोटो : अमर उजाला
वहीं अमर उजाला द्वारा आयोजित इस कार्यशाला की प्रिंट में प्रकाशित खबर को मेरठ पुलिस ने अपने ट्विटर हेंडल पर भी शेयर किया है।
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