मेरठ। 1987 में हुए मलियाना नरसंंहार मामले में आरोपियों को निचली अदालत द्वारा बरी करने के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले में 14 अगस्त को सुनवाई होगी। इस मामले में पीड़ित पक्ष के याकूब और वकील अहमद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। इसे सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया गया था। इसके बाद संंबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए थे। वहीं, निचली अदालत के रिकॉर्ड को तलब किया गया था।
अधिवक्ता रियासत अली खां ने बताया कि मलियाना नरसंहार केस में मेरठ सेशन कोर्ट में 93 आरोपियों के खिलाफ 36 साल तक केस चला। इसमें 900 सुनवाई हुई। सेशन कोर्ट के जज लखविंदर सूद ने 31 मार्च को फैसला सुनाया। सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। मेरठ कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए पीड़ित पक्ष से याकूब और वकील अहमद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की थी।