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15 नवंबर तक हर हाल में गड्ढ़ामुक्त करें सड़कें : नरेंद्र भूषण

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15 नवंबर तक हर हाल में गड्ढ़ामुक्त करें सड़कें : नरेंद्र भूषण
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मेरठ। प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग व नोडल अधिकारी नरेंद्र भूषण ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इस बार अधिकारियों को ध्यान रखना होगा। मौके पर जाकर अधिकारी जांच करें कि लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। सड़कों की खराब हालत पर उन्होंने कहा कि हर हाल में 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करें। सोमवार को नोडल अधिकारी ने विकास भवन में विकास कार्यों व योजनाओं की समीक्षा बैठक की।
प्रमुख सचिव ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने को लेकर कहा कि अगर इस संबंध में कोई भी लापरवाही हुई तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम/नगर पालिका सड़कों के किनारे जगह-जगह पर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके लिए यदि निजी भूमि के अधिग्रहण की आवश्यकता हो तो उस पर उचित कार्यवाही करें। इससे जाम की समस्या काफी हद तक दूर होगी।उन्होंने जनपद के विकास कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री बालसेवा योजना तथा विद्युत आपूर्ति, पौधारोपण आदि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में एक मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का प्रस्ताव भी अधिकारियों को बनाने के निर्देश दिए। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने क्राइम की घटनाओं की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, सीडीओ शशांक चौधरी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त पंकज वर्मा, सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन समेत आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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बिना टेंडर प्रक्रिया कैसे गड्ढा मुक्त होंगी सड़कें
मेरठ। बिना टेंडर प्रक्रिया 15 नवंबर तक शहर की सड़कें कैसे गड्ढा मुक्त होंगी। शहर में काफी सड़कें टूटी पड़ी हैं। सड़कों को बनवाने और गड्ढा मुक्त कराने के लिए नगर निगम प्रशासन लगातार टेंडर निकाल रहा है, लेकिन ठेकेदार टेंडर लेने को आगे नहीं आ रहे हैं। कई बार रि-टेंडर निकाले जाने के बाद भी एक कार्य के लिए तीन ठेकेदार शामिल नहीं हुए हैं। नगर निगम के चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार का कहना है कि नियम तो यह है कि टेंडर में तीन ठेकेदार यानी फर्म का प्रतिभाग जरूरी होता है। आपात काल स्थिति और कार्य की प्रमुखता को देखते हुए रि-टेंडर में अगर दो ठेकेदार भी प्रतिभाग करते हैं तो प्रशासनिक स्तर पर उन टेंडरों को खोलने का निर्णय लिया जा सकता है। इसी के तहत सड़कों की गड्ढा मुक्ति के लिए निकाले गए टेंडर खोलने की प्रक्रिया की जा रही है। चीफ इंजीनियर ने कहा कि शासन के आदेशानुसार निर्धारित समय से पहले ही शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करा दिया जाएगा।
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