मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) नंगला पातू में ही कैटल कॉलोनी बनाने की तैयारी में है। पशुपालकों ने नंगलापातू में जाने से इन्कार कर दिया था। इसे शहर से बाहर व पहुंच मार्ग तक न होने का हवाला दिया गया था। अब फिर से पशुपालकों को मनाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, मेडा उपाध्यक्ष ने डीएम को पत्र लिखकर अन्यत्र भी कैटल कॉलोनी बसाने के लिए पत्र लिखा है।
हाईकोर्ट के आदेश पर मेडा यह कॉलोनी बसाने में जुटा है। जिला प्रशासन ने नंगला पातू में 2.27 हेक्टेयर में कॉलोनी के लिए जगह तय की है। वहीं, डेयरी संचालक एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष मुकुल गुप्ता, पवन अरोड़ा और आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना का कहना है कि गांव नंगला पातू शहर से 22 किमी दूर है। पहुंचने के लिए रास्ता तक नहीं है। गोकशी की घटनाएं लगातार सटे हुए गांव में हो रही हैं। ऐसे में उन्हें और उनके पशुओं को जान का खतरा है। वहीं, लोकेश खुराना ने कहा कि डेयरी संचालकों से फिर बात कर समझाया जाएगा।
काशी अछरौंडा में बसा दें
डेयरी संचालकों ने काशी अछरौंडा में 84450 वर्ग मीटर मेडा की जमीन में कैटल कॉलोनी बसाने की मांग की। डेयरी संचालकों ने बताया कि वर्ष 2016 में दो करोड़ रुपये खर्च करके मेडा ने वहां चारदीवारी भी करा दी थी। परतापुर के पास स्थित इस भूमि तक पहुंच मार्ग भी है।
शुरुआत तो करनी होगी
हाइकोर्ट के आदेश हैं कि शहर की सीमा के बाहर कैटल कॉलोनी बसाई जाए। ऐसे में यह संभव नहीं है कि शहर के अंदर इसकी तैयारी हो। डेयरी संचालकों से बात की जा रही है, कुछ वहां जाने को तैयार भी हैं। आम सहमति बनाई जा रही है। शुरुआत तो करनी ही होगी। इसके बाद जिला प्रशासन से अन्यत्र जमीन लेकर वहां भी कैटल कॉलोनी बसाएंगे। - अभिषेक पांडेय, उपाध्यक्ष मेडा।