मेरठ। स्नान, दान और भगवान विष्णु की उपासना के लिए समर्पित कार्तिक मास का आज आगमन हो गया। इसी के साथ तीन-त्यौहारों की मंगल बेला भी शुरू हो जाएगी। घरों से लेकर बाजारों तक इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
इंडियन कौंसिल ऑफ़ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वर्ष में बताया कि कार्तिक महीना दान, स्नान, अनुष्ठान और उपवास के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। कार्तिक मास में सूर्योदय से पूर्व स्नान का विशेष महत्व है। इसका समापन 15 नवंबर को होगा। ज्योतिष आचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि हिंदू धर्म में कार्तिक मास का विशेष महत्व है। इसे स्नान, दान और भगवान विष्णु की उपासना के लिए समर्पित माना गया है। कार्तिक मास के दौरान सूर्योदय पूर्व स्नान करने से पाप मिटते हैं और भगवान विष्णु के साथ ही देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
.. कार्तिक मास में धार्मिक अनुष्ठान विशेष फल
.. कार्तिक महीने में विशेष रूप से दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे महत्वपूर्ण त्योहार आते हैं।
.. तीर्थ पर्सनल का विशेष फल
.. इस महीने में विभिन्न तीर्थ स्थलों पर स्नान करने का विशेष महत्व है। कार्तिक शुक्ल पक्ष में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
.. अधिकतम उपासना का समय है कार्तिक
कार्तिक मास के त्योहार...
20 अक्टूबर, रविवार: करवाचौथ
21 अक्टूबर, सोमवार: रोहिणी व्रत
24 अक्टूबर, बृहस्पतिवार: अहोई अष्टमी
28 अक्टूबर, सोमवार: रमा एकादशी
29 अक्टूबर, मंगलवार: प्रदोष व्रत , धनतेरस
30 अक्टूबर, बुधवार: - हनुमान जन्मोत्सव/ नरक चौदस/ छोटी दीपावली
31 अक्तूबर बृहस्पतिवार :- दीपावली
01 नवंबर, शुक्रवार - अमावस्या
02 नवंबर, शनिवार: गोवर्धन पूजा , अन्नकूट
03 नवंबर, रविवार: भाई दूज
07 नवंबर, बृहस्पतिवार: छठ पूजा
09 नवंबर, शनिवार: दुर्गाष्टमी व्रत , गोपाष्टमी
10 नवंबर, रविवार: अक्षय नवमी
12 नवंबर, मंगलवार: प्रबोधिनी एकादशी
13 नवंबर, बुधवार: प्रदोष व्रत , तुलसी विवाह
14 नवंबर, गुरुवार - वैकुंठ चतुर्दशी
15 नवंबर, शुक्रवार: कार्तिक पूर्णिमा व्रत , गुरु नानक जयंती