मेरठ। श्री रामा संकीर्तन मंदिर लालकुर्ती में शिवमहापुराण कथा के 22वें दिन कथा व्यास पंडित अंबुज मिश्रा ने बताया कि माता के आदेश का पालन करते हुए गणेश जी ने भगवान शिव को माता के पास जाने से रोका। इस बीच शिवगणों के साथ गणेश जी संग्राम हुआ। शिवगणों को गणेश जी ने हरा दिया। इस बात पर क्रोधित होकर भगवान शिव ने गणेश जी का गला काट दिया। अपने पुत्र को मृत अवस्था में देख माता पार्वती क्रोधित हो गई। इसके बाद गणेश को हाथी का सिर लगाया गया। इसके बाद गणेश जी को किसी भी पूजा में प्रथम पूज्य का अधिकार दिया गया। कथा व्यास ने रोचक ढंग से गणेश जी कि बाल लीलाओं का वर्णन किया। इस अवसर पर पंडित सुधीर वाजपेयी, सुरेश छाबड़ा, पंडित राजेश पाराशर, नवीना छाबड़ा सहित अन्य मौजूद रहे। ब्यूरो