मेरठ। आठ साल पहले छह अप्रैल 2015 की रात ब्रह्मपुरी की ईरा गार्डिनिया एस्टेट कॉलोनी में हुई हरियाणवी लोक गायिका ललिता उर्फ नागिया और उसके पति मनव्वर जमाल उर्फ मोनू शेख की नृशंस हत्या में अदालत ने शनिवार को सजा सुनाई। न्यायालय अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) प्रहलाद सिंह द्वितीय ने दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले ऊंचा सद्दीकनगर निवासी सलमान पुत्र बाबू और ईरा गार्डन कॉलोनी निवासी आदिल पुत्र शकील को सश्रम आजीवन कारावास की सजा और 70-70 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
ईरा गार्डिनिया एस्टेट कॉलोनी के रहने वाले मो. हम्मद उमर पुत्र मो. सद्दीक ने ब्रह्मपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सात अप्रैल 2015 को सुबह करीब 6.30 बजे वह काॅलोनी में टहल रहा था। मोनू शेख के फ्लैट के सामने पहुंचा तो मोनू का छह वर्षीय बेटा अयान दौड़ता हुआ उसके पास आया और कहने लगा कि उनके घर के नौकर सलमान और आदिल ने उसकी मां ललिता और उसके पिता मोनू शेख को छुरी से काटकर मार दिया है। काॅलोनी के लोग भीतर पहुंचे तो दोनों के खून से लथपथ शव पड़े थे। कॉलोनी निवासी एडवोकेट अलाउद्दीन सिद्दिकी व डॉ. जावेद ने सलमान और आदिल को खून से सने कपड़े पहने हुए बाइक से भागते देखा था। दोनों आरोपियों को पुलिस ने उसी शाम गिरफ्तार कर लिया था। दोनों हत्यारोपी की तलाशी में मरने वालों के रुपये और अन्य सामान बरामद हुआ था। पुलिस ने विवेचना में दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदिल व सलमान को हत्या करने का दोषी मानते हुए दंडित किया।